Chandrapur News: चंद्रपुर में फिर भिड़े मुनगंटीवार-जोरगेवार गुट विवाद पहुंचा धक्कामुक्की तक

चंद्रपुर में फिर भिड़े मुनगंटीवार-जोरगेवार गुट विवाद पहुंचा धक्कामुक्की तक
  • मनपा बनी कुश्ती का अखाड़ा
  • आमसभा रद्द होने पर आए आमने-सामने
  • पुलिस को करना पड़ा बीच-बचाव

Chandrapur News चंद्रपुर महानगरपालिका की आमसभा रद्द किए जाने के मुद्दे पर शुक्रवार को सत्ताधारी भाजपा के मुनगंटीवार और जोरगेवार गुट आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों के पदाधिकारी और पार्षदों के बीच नारेबाजी, तीखी बहस और धक्कामुक्की तक की नौबत आ गई। सूचना मिलते ही शहर पुलिस मौके पर पहुंची और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस घटनाक्रम के बाद शहर में चर्चा रही कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बनी महानगरपालिका कहीं राजनीतिक कुश्ती का अखाड़ा तो नहीं बन गई है। अब तक दोनों गुटों के विवाद-धक्कामुक्की बाहर होते थे, अब मनपा में भी होने लगे है।

गौरतलब है कि 3 जुलाई को प्रस्तावित मनपा की आमसभा एक दिन पहले स्थगित कर दी गई थी। महापौर संगीता खांडेकर ने कांग्रेस के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद और न्यायालयीन प्रक्रिया का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि भाजपा के दो स्वीकृत सदस्यों के चयन को लेकर भी मुनगंटीवार और जोरगेवार गुट के बीच सहमति नहीं बन सकी। बताया जा रहा है कि जोरगेवार गुट ने अपने दो समर्थकों के नाम स्वीकृत सदस्य के लिए आगे किए, जबकि मुनगंटीवार गुट दोनों गुटों को एक-एक सदस्य दिए जाने के पक्ष में था।

गुरुवार को जोरगेवार गुट के गुटनेता और पार्षदों ने आमसभा स्थगित करने को अवैध बताते हुए आयुक्त को ज्ञापन सौंपा और कुछ समय तक आयुक्त कार्यालय में डेरा भी डाला। शुक्रवार को उन्होंने मनपा में भजन-कीर्तन कर महापौर और आयुक्त को सद्बुद्धि देने की बात कहते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में मुनगंटीवार गुट के पदाधिकारी और पार्षदों ने भी गुटनेता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और विवाद धक्कामुक्की तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

घटना के बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। जोरगेवार गुट का कहना है कि हाईकोर्ट की रोक केवल कांग्रेस के स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति पर थी। अन्य दलों के स्वीकृत सदस्यों का चयन और आमसभा की कार्यवाही हो सकती थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से पूरी सभा स्थगित कर दी गई। उनका आरोप है कि इससे जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर छीन गया। वहीं मुनगंटीवार गुट ने आरोप लगाया कि शिशु बिक्री प्रकरण से ध्यान भटकाने के लिए यह विवाद जानबूझकर खड़ा किया गया। उनका कहना है कि अपने ही महापौर के खिलाफ प्रदर्शन कर पार्टी की छवि खराब की जा रही है और इसकी शिकायत वरिष्ठ नेताओं से की जाएगी।

Created On :   4 July 2026 5:08 PM IST

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