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Chandrapur News: टाइगर टॉक चैटबॉट और पारदर्शी व्यवस्थाओं के चलते पर्यटकों की संख्या पहुंची 3.76 लाख पर

Chandrapur News बाघों के लिए प्रसिद्ध ताड़ोबा अंधारी बाघ प्रकल्प में नई हाईटेक व्यवस्थाओं का सीधा असर पर्यटकों की बढ़ती संख्या में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025-26 में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 3.76 लाख पर्यटकों ने सफारी बुक की, जबकि 2024-25 में यह संख्या 3.67 लाख थी।
पर्यटकों की सुविधा के लिए नया यूजर-फ्रेंडली आधिकारिक वेबसाइट शुरू किया गया है, जिसमें गेट, नियम और गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। "टाइगर टॉक' चैटबॉट भी जोड़ा गया है, जिससे पर्यटकों को त्वरित सहायता मिलती है। सभी गेटों पर सफारी दर, नियम और जरूरी दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही सफारी और क्रूजर बुकिंग में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की गई है। सभी गेटों पर कैशलेस भुगतान व्यवस्था लागू की गई है और क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया गया है।
चंद्रपुर जिले के स्थानीय निवासियों के लिए हर बुधवार को आगरझरी बफर गेट पर विशेष सफारी आरक्षित की गई है। प्रबंधन द्वारा आधार ओटीपी आधारित ऑनलाइन बुकिंग, सभी गेटों पर बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी, मैनेजमेंट कोटा बुकिंग के लिए बॉट सिस्टम और बफर बुकिंग के लिए वेटलिस्ट सिस्टम शुरू करने पर काम किया जा रहा है।
बता दें कि ताड़ोबा में वर्तमान में 6 कोर और 16 बफर गेट संचालित हैं। पर्यटन प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए अशोका ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकॉलॉजी एन्ड द एन्व्हायर्नमेंट और इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ टुरिझम एंड ट्रैवल मैनेजमेंट जैसे संस्थानों की मदद ली जा रही है।
सफारी के अनुभव में बड़े बदलाव : पांगड़ी और झरी कोर क्षेत्र में फुल-डे सफारी करने वाले पर्यटकों को अब झरी बफर, केशलाघाट और पांगड़ी बफर जैसे क्षेत्रों में भी जाने की अनुमति दी गई है, जिससे वन्यजीव अनुभव और समृद्ध हुआ है। बफर फुल-डे सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू की गई है, जबकि तत्काल बुकिंग व्यवस्था बंद कर दी गई है, ताकि कोर और बफर क्षेत्रों में एकसमान प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
पर्यटन सुविधाओं में सुधार : कैमरा शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में एड-ऑन और रिप्लेसमेंट की सुविधा दी गई है। अब पर्यटक सफारी शुरू होने से दो घंटे पहले तक (उपलब्धता के आधार पर) बुकिंग कर सकते हैं, जो पहले एक दिन पहले रात 8 बजे तक सीमित थी। साथ ही गाइड और जिप्सी ऑपरेटरों के मानदेय में बढ़ोतरी कर उनके हितों का भी ध्यान रखा गया है।
ईको-फ्रेंडली और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा : हर सफारी वाहन में "ताड़ोबा डायरी'के साथ पक्षियों और तितलियों पर आधारित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्रूजर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ रही है।
सभी गेटों पर स्मारिका (सुवेनियर) दुकानें स्थापित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल रहा है।
Created On :   29 April 2026 4:22 PM IST















