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Jabalpur News: पंडालों में कटे-फटे वायरों का इस्तेमाल, चेत जाते तो नहीं हो पाता ये दर्दनाक हादसा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। गणपति पंडाल में लापरवाही के करंट ने धनवंतरि नगर जसूजा सिटी में बालक की जान ले ली। शहर में यह पहला हादसा नहीं है। पिछले साल भी गणेश और दुर्गा पंडालों में हुए इस तरह के हादसों ने कई घरों के सहारे छीन लिए। इन्हीं दर्दनाक घटनाओं के मद्देनजर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के माध्यम से भास्कर ने भी आगाह किया कि पंडालों में विद्युत व्यवस्था की बारीकी से जांच की जानी चाहिए, लेकिन जिम्मेदार नहीं चेते।
लापरवाही के कारण एक घर का चिराग और बुझ गया। अब लोग सवाल भी उठा रहे हैं कि यदि विद्युत वितरण कंपनी की टीमें पंडालों की जांच कर रही थीं तो जसूजा सिटी में खुले पड़े मौत के तार उन्हें दिखाई क्यों नहीं दिए..? क्या यहां निरीक्षण के लिए पहुंची टीम की जांच नहीं होनी चाहिए? लोगों का तो यहां तक कहना है कि अब भी कई पंडालों में लापरवाही जारी है।
पर्व पर लोगों की भीड़ जुटने की संभावनाओं और जानकारी के बावजूद डेकोरेटर्स व टेंट संचालक कटे-फटे व क्षतिग्रस्त विद्युत वायरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच के साथ इन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि गणेशोत्सव के चलते जिले में एक हजार से अधिक बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पंडाल भी सजाए गए हैं। भास्कर टीम द्वारा की गई पड़ताल में शहर में कई पंडाल ऐसे सामने आए जहां बिजली के तार खुले पड़े थे। कई में टेपिंग तक गड़बड़ थी।
मामले सामने आने के बाद बिजली कंपनी की टीमें हरकत में आईं, जांच में कई जगह अनियमितताएं भी सामने आईं, लेकिन जसूजा सिटी में हुए हादसे के बाद लोग ये सवाल उठा रहे हैं कि निगरानी करने पहुंची टीमों ने आखिर वहां क्या देखा? उन्हें खुले पड़े तार क्यों नहीं नजर आए। लोगों का तो यह भी कहना है कि अभी भी कई पंडालों में खुली लापरवाही बरती जा रही है। जान से खिलवाड़ करने वाले इस तरह के डेकोरेटर्स के साथ ही अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
80 टीमों ने पूरे दिन की सर्चिंग, मिली लापरवाही
दर्दनाक हादसे के बाद बिजली कंपनी के अफसर हरकत में आए। बताया गया है कि बिजली कंपनी ने गुरुवार को शहर में 3-3 लोगों की 80 टीमें बनाईं, जिसने शहर के सभी गणेश पंडालों में पहुंचकर सुबह 11 से शाम 5 बजे तक विद्युत व्यवस्था की जांच की।
अधीक्षण यंत्री शहर संजय अरोरा का कहना है कि जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ विद्युत विभाग की टीम पिछले 10 दिनों से लगातार गणेश पंडालों की विद्युत वायरिंग एवं दूर-दूर तक लगाई जा रही साज-सज्जा, झालरों आदि को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के हिसाब से व्यवस्थित करने हेतु लगातार समझाइश दे रही है लेकिन कुछ डेकोरेटर्स ने इसको नजरअंदाज किया।
वायरों में नहीं थी टेपिंग, दो डेकोरेटर्स पर मामला दर्ज
बताया गया है कि गुरुवार को एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह ने गोरखपुर टीआई नितिन के साथ गोरखपुर क्षेत्र में गणेश पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान सिद्धि विनायक गणेश उत्सव समिति शारदा चौक में डेकोरेटर, सचिन टेंट हाउस गढ़ा द्वारा पंडाल हेतु की गई साज सज्जा में विद्युत तार कटे-फटे पाए गए।
इसके बाद बीएसए की धारा 125 के तहत सचिन टेंट हाउस गढ़ा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं महादेव मंदिर के पास स्थित गणेश पंडाल में आरआरआर टेंट हाउस द्वारा की गई वायरिंग-साज-सज्जा में अनियमितता पाये जाने पर आरआरआर टेंट हाउस गढ़ा के संचालक के विरुद्ध भी गोरखपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
लोहे के पाइपों में बंधे मिले तार
जांच में यह बात भी सामने आई कि डेकोरेटर आरआरआर टेंट हाउस गढ़ा के संचालक द्वारा साज-सज्जा के लिए इंसुलेटेड तारों का उपयोग नहीं किया गया था और तारों की ऊंचाई कम थी। कहीं भी एमसीबी का उपयोग नहीं किया गया।
वहीं सिद्धि विनायक गणेश उत्सव समिति शारदा चौक में साज सज्जा के लिए विद्युत तारों को लोहे के पाइपों में बांधा गया था। कई जगह तार कटे-फटे हुए थे और वहां पर भी एमसीबी का उपयोग नहीं किया गया था।
Created On :   25 Sept 2026 4:48 PM IST










