Jabalpur News: शिक्षा विभाग में भृत्य को कैसे बना दिया गया ग्रेड 2

पदोन्नति के आदेश में हुआ बदलाव, नई सूची जारी की गई

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। कार्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर विगत दिवस 45 सहायक ग्रेड 3 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदोन्नत किया गया था। शिक्षा विभाग ने 45 कर्मचारियों की सूची भी जारी कर दी। इसके बाद पता चला कि उस सूची में एक भृत्य का भी नाम है जिसे सहायक ग्रेड 3 पर भी रहने का अधिकार नहीं था तो फिर उसे सहायक ग्रेड 2 पर कैसे पदोन्नत किया गया।

जब विभाग के लिपिकों में चर्चा हुई तो पूरे विभाग में हंगामा मच गया और इसके बाद पदोन्नति की दूसरी सूची जारी की गई जिसमें भृत्य का नाम काटते हुए 44 पात्र कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए।

इस मामले में लिपिकों ने बताया कि सहायक ग्रेड 2 पर हुई पदोन्नति में एक नाम गोविन्द सिंह चड़ार ने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल कार्यालय संयुक्‍त संचालक के आदेश दिनांक 22 सितम्बर 2026 के सरल क्रमांक 44 पर अंकित गोविन्‍द सिंह चड़ार की सहायक ग्रेड 3 के पद पर की गई पदोन्‍नति को तत्‍कालीन संयुक्‍त संचालक द्वारा अपने आदेश दिनांक 12 मई 2015 को निरस्‍त कर दिया गया था।

उक्‍त निरस्‍तीकरण के विरूव्‍द श्री चड़ार द्वारा उच्‍च न्‍यायालय में याचिका दायर की गई थी जिसमें न्‍यायालय द्वारा तत्‍समय इनकी पदोन्‍नत निरस्‍तीकरण आदेश पर अंतरिम रूप से स्‍थगन दिया गया था। उक्‍त याचिका में पारित निर्णय दिनांक 16 मार्च 2023 को न्‍यायालय द्वारा निर्णय में गोविन्‍द चड़ार की भ़त्‍य से सहायक ग्रेड-3 के पद पर की गई पदोन्‍नति को अवैध मानते हुए इनकी याचिका खारिज की गई थी।

इसके बाद भी श्री चडार को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्‍थ रखना सर्वथा अनुचित था, और तो और उन्हें सहायक ग्रेड-3 पर पदस्‍थ मानते हुए सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्‍नत कर दिया गया। हालाकि संशोधित सूची से उनका नाम हटा दिया गया है लेकिन इतने सालों से वे सहायक ग्रेड 3 के पद का जो लाभ ले रहे हैं उसकी रिकव्हरी कैसे होगी यह समझ से परे है।

Created On :   7 Oct 2026 9:19 PM IST

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