Jabalpur News: कोर्ट को गलत जानकारी देना गंभीर मामला, शहपुरा टीआई पर जुर्माना

कोर्ट को गलत जानकारी देना गंभीर मामला, शहपुरा टीआई पर जुर्माना
न्यायालय ने पुलिस विभाग की लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मप्र हाई कोर्ट ने पुलिस विभाग की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अदालत को गलत जानकारी देना बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी मामले की जांच में सटीकता और जिम्मेदारी अनिवार्य है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता।

इस मत के साथ जस्टिस एसएन भट्ट की एकलपीठ ने जबलपुर के शहपुरा थाने के टीआई प्रवीण धुर्वे पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। एक सप्ताह के अंदर यह राशि मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने के निर्देश दिए, साथ ही याचिकाकर्ता को जमानत दे दी।

शहपुरा थाना क्षेत्र के कूड़ाकला ग्राम निवासी प्रदीप सेन की ओर से तीसरी बार यह जमानत की अर्जी दायर की गई थी। उस पर आरोप था कि उसने अपने डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर कई लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र जारी किये थे।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोपी पर एक और आपराधिक मामला दर्ज है, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसके खिलाफ कोई अन्य मामला नहीं है। कोर्ट ने शहपुरा टीआई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर जवाब देने को कहा था।

टीआई प्रवीण धुर्वे ने कोर्ट में पेश होकर जवाब दिया कि त्रुटिवश जिस आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला दिया गया था, वह दरअसल किसी अन्य व्यक्ति का था, जिसका नाम आरोपी से मिलता-जुलता था।

Created On :   26 March 2026 6:23 PM IST

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