Jabalpur News: आदिवासी छात्राओं का दर्द, कोई हमारी नहीं सुन रहा, लगता है पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी

कन्या छात्रावास की शिकायत करने गईं तो एसी ने कहा था- तमाशा करती हो

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। आदिवासी छात्राओं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है कि उन्हें यह लिखना पड़ रहा है कि अब हमारी कोई सुनता ही नहीं है और ऐसा लगता है कि पढ़ाई छोड़कर घर जाना पड़ेगा। उन्हें जानवरों की तरह रखा जा रहा है, न साफ-सफाई हो रही और न ही खाना ठीक तरह से मिल रहा है। यही हाल रहा तो दूर-दूराज के आदिवासी क्षेत्रों से आने वाली बच्चियां पढ़ाई पूरी किए बिना ही वापस चली जाएंगी और उनके सपने टूट जाएंगे।

मामला दरअसल राइट टाउन स्थित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित कन्या छात्रावास का है। यहां पर व्याप्त समस्याओं को लेकर पिछले दिनों छात्राओं का एक समूह सहायक आयुक्त से शिकायत करने कलेक्ट्रेट के पास स्थित ऑफिस गया था। वहां सहायक आयुक्त ने उन्हें साफ कहा कि पढ़ाई करने आती हो या तमाशा करने।

छात्राएं आहत हो गईं और उन्होंने कार्यालय में ही धरना दे दिया, लेकिन छात्राओं, वह भी आदिवासी छात्राओं की कोई सुनता ही कहां है। उन्हें बिना किसी ठोस निर्णय के ही वापस हॉस्टल जाना पड़ा। अब छात्राओं का आक्रोश फूट रहा है और उन्होंने इस मामले में खुलकर बोलना शुरू किया है।

जारी किए गए शिकायती पत्र में छात्राओं ने सभी की कलई खोली है। हॉस्टल वार्डन से लेकर जांच टीम तक ने क्या कहा है, उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के सीधे पत्र में लिखा है। उनकी पीड़ा इतनी बढ़ गई है कि वे सब कुछ दांव पर लगाने तैयार हैं, लेकिन वे चाहती हैं कि व्यवस्था में सुधार हो।

होटल बना रखा है मटक के चलती हो

एक छात्रा ने लिखे पत्र में कहा कि मामले की जांच के लिए क्षेत्र संयोजक रीता पटेल जब हॉस्टल आईं तो उनका कहना था कि हॉस्टल को हाेटल बनाकर रखा है। अटक-मटक कर चलती हो। छात्रा ने बताया कि यह सब सुनकर कई बार लगता है कि हमारे साथ ऐसा व्यवहार आदिवासी होने से हो रहा है।

एकलव्य मामले में भी कुछ नहीं हुआ

इसी प्रकार रामपुर स्थित एकलव्य स्कूल के भी सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने आंदोलन किया था और प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की थी। छात्रों ने रैली तक निकाली लेकिन इसके बाद भी कुछ नहीं किया गया और अब मजबूरी में स्कूल के छात्र-छात्राएं जैसा है वैसा ही कबूल कर रहे हैं।

वार्डन ने कहा- गोबर फैला कर आई हो

छात्राओं ने लिखित शिकायत में बताया कि जब सहायक आयुक्त कार्यालय से सभी छात्राएं हॉस्टल वापस पहुंचीं, तो वार्डन खुशबू साहू ने कहा कि सहायक आयुक्त कार्यालय में जो गोबर फैलाकर आई हो उससे कुछ नहीं होगा, सब अधिकारी हमारे साथ हैं।

उन्होंने सभी छात्राओं को खड़ा करके जमकर डांटा फटकारा। अब यदि हमें कोई दिक्कत और परेशानी है तो क्या हम शिकायत भी नहीं कर सकते और सहायक आयुक्त के पास न जाएं तो कहां जाएं।

Created On :   26 March 2026 6:03 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story