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Jabalpur News: आरटीओ की महिला आरक्षक और उसके साथी को साढ़े 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते दबोचा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। परिवहन विभाग के संभागीय उड़नदस्ते की चेकिंग के दौरान महिला आरक्षक श्वेता अहिरवार द्वारा हाईवे से ट्रक को पास कराने रिश्वत की मांग की गई। ट्रक चालक द्वारा की गई शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने बरगी के पास ट्रैप कार्रवाई कर साढ़े 4 हजार की रिश्वत लेते हुए महिला आरक्षक श्वेता के साथ उसके बाहरी साथी मोहित साहू को दबोच लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर मुचलके पर रिहा किया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नवी मुंबई निवासी प्रशांत दत्तात्रेय का ट्रक क्रमांक डीडी 01 पीओ 9764 को छतरपुर निवासी जय सिंह यादव चलाता है। वह ट्रक लेकर बुधवार को नागपुर से उत्तरप्रदेश की तरफ जा रहा था। हाईवे पर वह बरगी के पास पहुंचा, तो वहां तैनात आरटीओ उड़नदस्ते की महिला आरक्षक श्वेता अहिरवार और उसके बाहरी दोस्त मोहित साहू ने उसे रोका और ट्रक को पास करने के लिए साढ़े 4 हजार रुपए की मांग की।
चालक जय सिंह ने ट्रक वहीं पर खड़ा किया और रुपयों की व्यवस्था करने की बात कहते हुए वहां से निकला और सीधे लोकायुक्त संगठन कार्यालय पहुंचा। शिकायत का सत्यापन कर ट्रैप प्लान किया गया। फरियादी ने रिश्वत की रकम श्वेता को देनी चाही तो उन्होंने अपने सहयोगी की ओर इशारा किया कि रकम उसे दे दो।
मोहित ने जैसे ही रिश्वत की रकम ली, तभी आसपास मौजूद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे ट्रैप कर लिया। पुलिस ने आरक्षक को भी इस मामले में आरोपी बनाया है।
हर बार रिश्वत की डिमांड
ट्रांसपोर्टर ने पुलिस को यह भी बताया है कि उनके पास ऐसे दस वाहन हैं, जिन्हें यहां से गुजारने के लिए हर वाहन पर रिश्वत मांगी जाती है। एसपी लोकायुक्त जबलपुर अंजुलता पटले के मुताबिक, नवी मुंबई निवासी वाहन मालिक प्रशांत दत्तात्रेय जाधव और उनके ड्राइवर जय सिंह यादव ने इस संबंध में शिकायत की थी। बताया था कि उनकी गाड़ियां जबलपुर-बरगी मार्ग से गुजरती हैं, तब आरटीओ कर्मचारी पैसे मांगते हैं।
तनख्वाह कौन देता था, होगी जांच
अब तक की जांच में सामने आया कि मोहित साहू कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है, इसके बाद भी वह आरटीओ आरक्षक के लिए खुलेआम रिश्वत वसूल रहा था। लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि मोहित को करीब 12 हजार रुपए महीने पर रखा गया था। अब पुलिस की जांच में यह बिंदू भी जुड़ गया है कि उसकी तनख्वाह कौन और कैसे देता था?
इन धाराओं में केस दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 12, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Created On :   26 March 2026 6:12 PM IST











