- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जबलपुर
- /
- जहां होगी पढ़ाई उसी जगह को बना दिया...
नया शिक्षण सत्र आज से: जहां होगी पढ़ाई उसी जगह को बना दिया भंडारे की रसोई

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। सत्र 2026-27 का नया शिक्षण सत्र बुधवार 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इसके लिए सभी स्कूलों में प्रवेशोत्सव के लिए आदेश दिए गए हैं। बहुत से स्कूल तो ऐसे हैं जो परीक्षाओं के बाद खुले ही नहीं और अब वहां सीधे बुधवार को ही ताला खोला जाएगा।
स्कूलों में साफ-सफाई नहीं कराई गई है, मवेशियों का डेरा है, कई स्कूलों में कब्जे हैं और तो और शहर की घनी आबादी के बीच स्थित एक स्कूल को भंडारे की रसोई बना दिया गया। यह संभव ही नहीं कि स्कूल बुधवार की सुबह साफ-सुथरा नजर आए। ऐसे में हमारे नन्हें-मुन्ने किन हालातों में जिंदगी का क, ख, ग सीखेंगे यह आसानी से समझा जा सकता है।
स्कूलों की दशा सुधारने की बात वर्षों से होती आई है लेकिन हालात ज्यों के त्यों हैं। कुछ सरकारी स्कूलों की तो स्थिति यह है कि वे कब गिर जाएं कुछ नहीं कहा जा सकता। खपरैल तो लगभग रोज ही गिरते हैं और बच्चों के साथ शिक्षकों को भी मुसीबत होती है।
गोलबाजार क्षेत्र स्थित जॉर्ज टाउन स्कूल का जब दोपहर में भ्रमण किया गया, तो वहां भंडारे का प्रसाद बनता नजर आया, पूरे परिसर में ऐसी कुछ तैयारी ही नहीं दिखाई दी जिससे यह कहा जा सके कि बुधवार को यहां प्रवेश उत्सव होगा।
एक तरफ बच्चों के लिए आई पुस्तकों का ढेर जरूर नजर आया, जिन्हें हर स्कूल में भेजना था लेकिन कार्यालय से यह कहा गया कि स्कूल प्रबंधन अपनी पुस्तकें खुद ही ले जाए, जबकि इसके लिए शासन से परिवहन भत्ता भी आता है। वहीं पुस्तकों को सभी स्कूलों तक भेजा जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हर स्कूल के लिए आए थे 12 हजार 500 रुपए
शासन की तरफ से सभी स्कूलों के लिए 12 हजार 500 रुपए की राशि भेजी गई थी। इसमें निर्देश दिए गए थे कि प्रति स्कूल प्रबंधन को 12 हजार 500 रुपए की राशि सौंपी जाए ताकि वे नए शिक्षण सत्र के पहले ही स्कूलों की साफ-सफाई, रंग-रोगन, टॉयलेट की सफाई सहित अन्य कार्य करवा सकें, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह राशि स्कूलों को नहीं दी गई और अब यह राशि लैप्स हो जाएगी।
प्रवेश के लिए नहीं हो पाया सत्यापन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश के इच्छुक बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश के िलए आवेदन 28 मार्च तक होना था और 30 मार्च तक दस्तावेजों का सत्यापन हाेना था। बाद में यह प्रक्रिया 31 मार्च तक बढ़ा दी गई, लेकिन जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा समय पर शिक्षकों को सूचित नहीं किया जा सका, जिसके चलते बहुत से अभिभावक सत्यापन नहीं करा पाए।
जिला स्तरीय कार्यक्रम मॉडल स्कूल में
शासन द्वारा संचालित स्कूल चलें हम अभियान का शुभारंभ बुधवार से किया जा रहा है। डीईओ घनश्याम सोनी ने बताया कि इस अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम मॉडल स्कूल में प्रातः 10 बजे आयोजित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों, निःशुल्क गणवेश, साइकिल का वितरण होगा।
Created On :   1 April 2026 3:37 PM IST












