Jabalpur News: दो दशक से आफत बना अन कवर्ड नाला, प्रदूषित हो रहे जलस्रोत

दो दशक से आफत बना अन कवर्ड नाला, प्रदूषित हो रहे जलस्रोत
लापरवाही: कवर करने की योजनाएं बनीं और दफन हो गईं, यातना झेलने मजबूर हैं मनमोहन नगर से लेकर कृष्णा नगर तक के वाशिंदे

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। शहर के विकास और नागरिकों को राहत देने के लिए योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन वे कागजों में दफन होकर रह जाती हैं। मनमोहन नगर, गायत्री मंदिर के समीप से कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला एक नाला भी इसका जीता-जागता प्रमाण है। करीब दो दशक से यह कच्चा नाला खुला पड़ा है। इसमें जहरीले जीव-जंतु, मच्छर व संक्रामक बीमारियां परोसने वाले अन्य कीट पनप रहे हैं।

इसकी दुर्गंध से कई कॉलोनियों के वाशिंदे त्रस्त हैं। घरों की बोरिंग में संक्रमित पानी आने लगा है। नागरिकों का कहना है कि अनेक शिकायतों के बावजूद नाले को कवर्ड करने की दिशा में नगर निगम द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। जनप्रतिनिधियों व अफसरों की यह लापरवाही लोगों को दुखी कर रही है।

क्षेत्रीय नागरिक सुरेन्द्र ज्योतिषी व एमपी मिश्रा ने बताया कि पहले ट्रांसपोर्ट नगर, मनमोहन नगर, त्रिमूर्ति नगर, कृष्णा नगर, शास्त्री विहार, कृष्णा कॉलोनी समेत आसपास की कॉलोनियों में बरसात में घुटनों तक पानी भर जाता था। समस्या को देखते हुए करीब 20 साल पहले तत्कालीन पार्षद की पहल पर गायत्री मंदिर, मनमोहन नगर के बीच से त्रिमूर्ति नगर, कृष्णा नगर आदि के किनारे-किनारे करीब आठ फीट चौड़े एक कच्चे नाले का निर्माण कराया गया था।

इस नाले के बनने से कई कॉलोनियों में न केवल बरसाती पानी के निकलने की समस्या खत्म हो गई, बल्कि सामान्य दिनों में गंदे पानी की निकासी के लिए यह नाला एक बड़ा विकल्प बन चुका है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इस खुले व कच्चे नाले के कारण जहरीले जीव-जंतु व मच्छर बड़ी मात्रा में पनप रहे हैं। इससे आती दुर्गंध लोगों का रहना दूभर कर रही है।

नाला मद की राशि से कवर्ड कर लगाए जाएं पौधे, बने ग्रीन कॉरिडोर

त्रिमूर्ति नगर निवासी राजेश विश्वकर्मा व बीके शर्मा ने बताया कि प्रदूषण और दुर्गंध को रोकने के लिए क्षेत्रीय नागरिकों ने कई बार नाले के किनारे पौधों का रोपण किया, लेकिन सफाई के दौरान जेसीबी मशीनों की चपेट में आकर पौधे चरपट हो गए।

क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार सबसे अच्छा विकल्प ये है कि टैंकों में उपयोग होने वाले चार या 5 फीट की गोलाई वाले पाइप डालकर इस नाले को अंडर ग्राउंड कर दिया जाए और इसे आगे माढ़ोताल के समीप से गुजरी सीवर लाइन से जोड़ दिया जाए।

यह नाला अभी भी आगे जाकर सीवर लाइन में ही मिल रहा है। इसके साथ ही कवर्ड हुए इस नाले के सामने तार की फेंसिंग करके यहां पौधों का रोपण कर दिया जाए। इससे क्षेत्र में ग्रीन कॉरिडोर भी विकसित हो जाएगा, जो ऑक्सीजन जोन का काम करेगा। क्षेत्र का जल स्तर भी अच्छा हो जाएगा।

सफाई में हर बार लाखों का खर्च

क्षेत्रीय नागरिक आरबी सोनी, नरेश पटेल व विशेष मालवीय ने बताया कि बारिश के पूर्व उक्त नाले की सफाई के लिए हर बार बड़ी राशि खर्च की जाती है। यह देखते हुए कॉलोनी के नागरिकों ने क्षेत्रीय पार्षद रेणु कोरी के माध्यम से नगर निगम को कई बार इस बात से अवगत कराया कि नाले को कवर्ड कर दिया जाए। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों की टीम ने मौके पर आकर निरीक्षण किया, लेकिन आज तक नाले को व्यवस्थित नहीं किया जा सका।

जल्द ही नाले का निरीक्षण कराया जाएगा। जन समस्या को देखते हुए नाले को कवर्ड कर व्यवस्थित कराने और वहां फेसिंग कराकर पौधे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

- रामप्रकाश अहिरवार, निगमायुक्त, नगर निगम जबलपुर

Created On :   31 March 2026 6:13 PM IST

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