Jabalpur news: कॉलेज की छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने वाला प्राध्यापक बहाल, खड़े हो गए सवाल

डिजिटल न्यूज़ जबलपुर
उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने वाले एक प्राध्यापक को केवल इसलिए बहाल िकया है ताकि वह यहां रहकर जांच को प्रभावित न कर सके। यही वजह है िक दूसरे जिले में भेजकर उसे नौकरी पर बहाल किया जा रहा है। अब शिक्षा विभाग के इस निर्णय पर सवालिया निशान दागे जा रहे हैं । कहा जा रहा है कि इतने गंभीर आरोप लगने के बाद उसे कैसे फिर से छात्राओं के बीच कैसे भेजा जा रहा है, इस सवाल का जबाव तो भोपाल के अधिकारी ही दे पाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया कॉलेज की एक छात्रा को वर्ष 2025 में मोबाइल से अश्लील संदेश भेजने के आरोप में निलंबित िकए गए सहायक प्राध्यापक अब्दुल करीम खान को राज्य शासन उच्च शिक्षा विभाग ने बहाल कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन्हें जबलपुर से सिंगरौली जिले के शासकीय जगन्नाथ सिंह स्मृति महाविद्यालय चितरंगी में पदस्थ किया है। प्राध्यापक के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी और निलंबन अवधि का निराकरण जांच के निष्कर्षों के आधार पर किया जाएगा।
यह था मामला-
अर्थशास्त्र के प्राध्यापक 54 वर्षीय अब्दुल करीम खान के खिलाफ महाविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अप्रेल माह में आरोप लगाया था कि उसे लगातार अश्लील मैसेज भेजे जा रहे थे। उसने असाइंमेंट के लिए प्रो करीम को अपना मोबाइल नम्बर दिया था। प्रो करीम उसे गंदे मैसेज भेजते थे। इसकी शिकायत उसने कॉलेज प्रबंधन को दी और फिर खमरिया थाने में भी लिखित शिकायत की गई थी जिस पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 75 और 78 के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच कमेटी भी बनाई गई-
छात्रा को अश्लील संदेश भेजने की शिकायत के मामले में 28 मई 2025 को प्रो करीम के निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद विभाग ने 15 दिसंबर 2025 को उन्हें आरोप-पत्र जारी किया था। आरोप-पत्र के संबंध में उनके द्वारा प्रस्तुत बचाव उत्तर को संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद 19 जुलाई 2026 को विभागीय जांच के लिए जांचकर्ता और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किए गए। आदेश में कहा गया है कि जांच प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए अब्दुल करीम खान को निलंबन से बहाल कर अन्यत्र पदस्थ करने का प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।
तो क्या सिंगरौली में सुरक्षित रहेंगी छात्राएं-
इस मामले में सवाल उठाए जा रहे हैं िक जब तक जांच पूरी न हो जाए और प्राध्यापक यदि दोषी हो तो सजा और यदि दोषी न हो तो दोषमुक्त करार न दिया जाए तब -तक उसे बहाल कैसे किया जा रहा है। चूंकि यह मामला बेहद संगीन है और खमरिया से प्राध्यापक को चितरंगी महाविद्यालय सिंगरौली भेजा गया है। ऐसे में प्राध्यापकों का कहना है िक जांच प्रभावित होने के डर से प्राध्यापक को सिंगरौली भेजा जा रहा है लेकिन किसी ने वहां पढ़ने वालीं छात्राओं के सम्बंध में नहीं सोचा कि किसी के साथ कोई घटना कारित हुई तो उसका क्या होगा।
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