बॉम्बे हाई कोर्ट: 26 साल बाद मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित वल्लभ चॉल के मालिक और किरायेदारों को मिला न्याय

26 साल बाद मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित वल्लभ चॉल के मालिक और किरायेदारों को मिला न्याय
  • 5 वीं और 6वीं रेलवे लाइन (कुर्ला-ठाणे) निर्माण भूमि अधिग्रहण का मामला
  • अदालत ने एमएमआरडीए को बाजार मूल्य के हिसाब से अधिग्रहित भूमि का मुआवजा देने का दिया निर्देश
  • अदालत ने माना-अधिग्रहण अधिकारी द्वारा निर्धारित 3750 रुपए प्रति वर्गमीटर भूमि की दर बाजार मूल्य से कम था
  • अदालत का चाल मालिक को 40 फ़ीसदी और किराएदारों को 60 फीसदी मुआवजा की रकम देने का फैसला

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट से 5वीं और 6वीं रेलवे लाइन (कुर्ला-ठाणे) निर्माण भूमि अधिग्रहण के मामले में 26 साल बाद मुंबई के घाटकोपर (पूर्व) स्थित ‘वल्लभ चॉल’ के मालिक और किरायेदारों को न्याय मिला है। अदालत ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को वास्तविक बाजार मूल्य के हिसाब से अधिग्रहित भूमि का मुआवजा ‘वल्लभ चॉल’ के मालिक और किरायेदारों देने का निर्देश दिया है। अदालत ने माना कि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा निर्धारित 3750 रुपए प्रति वर्गमीटर भूमि की दर वास्तविक बाजार मूल्य से कम था।

न्यायमूर्ति फरहान पी. दुबाश की एकल पीठ ने विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य कम था और मालिक को मुआवजे में वृद्धि का अधिकार है। अधिग्रहण के समय किरायेदारों के वैधानिक अधिकार मौजूद थे। इसलिए वे भी मुआवजे के पात्र हैं। मालिक को बढ़ा हुआ मुआवजा और उसके 40 फीसदी हिस्से का अधिकार एवं किरायेदारों को 60 फीसदी हिस्से का अधिकार प्रदान किया गया है। यह अनुपात मूल मुआवजे, बढ़े हुए मुआवजे, अतिरिक्त राशि और ब्याज पर भी लागू होगा।

पीठ ने पाया कि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा अपनाए गए बिक्री उदाहरण वर्ष 1994 के थे और अधिग्रहण की तिथि (12 मार्च 1998) से काफी पुराने थे। अधिग्रहित भूमि घाटकोपर रेलवे स्टेशन के पास एम.जी. रोड और राजावाड़ी अस्पताल के निकट स्थित होने के कारण उसमें पर्याप्त व्यावसायिक क्षमता थी। ऐसे में अधिग्रहण अधिकारी द्वारा निर्धारित 3750 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर बाजार मूल्य से कम थी।

क्या है पूरा मामला

यह मामला भूमि अधिग्रहण से संबंधित है, जिसमें मुंबई के घाटकोपर (पूर्व)स्थित 906.30 वर्गमीटर भूमि एवं "वल्लभ चॉल’ का अधिग्रहण 5वीं और 6वीं रेलवे लाइन (कुर्ला-ठाणे) निर्माण के लिए किया गया था। अधिग्रहण अधिकारी ने 22 दिसंबर 2000 को भूमि का बाजार मूल्य 3750 रुपए प्रति वर्ग मीटर मानते हुए कुल 78 लाख 69 हजार 442 रुपए मुआवजा निर्धारित किया था। चाल मालिक राहुल मर्चेंट ने हाई कोर्ट में मुआवजा बढ़ाने की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया, जबकि किरायेदारों ने मुआवजे के बंटवारे को लेकर विवाद में भी मुकदमा दायर किया।

Created On :   19 Jun 2026 9:23 PM IST

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