मंजूरी: उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू होगी सीएम सृष्टी योजना, अनुसंधान- नवाचार- प्रौद्योगिकी को दिया जाएगा बढ़ावा

उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू होगी सीएम सृष्टी योजना, अनुसंधान- नवाचार- प्रौद्योगिकी को दिया जाएगा बढ़ावा
  • महाविद्यालयों, संस्थानों और तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने की योजना
  • ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ कार्यक्रम में उच्च व तकनीकी शिक्षा का समावेश

डिजिटल डेस्क, मुंबई. राज्य मंत्रिमंडल ने सीएम सृष्टी योजना को मंजूरी दी है। प्रदेश में अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास और उद्योग संलग्न उच्च शिक्षा उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सरकारी महाविद्यालयों, संस्थानों और तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यह योजना लागू की जाएगी। राज्य के उच्च व तकनीकी विभाग के अधीन सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सभी सरकारी उच्च व तकनीकी संस्थान, मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, रायगड़ के लोणेरे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तकनीकी विश्वविद्यालय में यह योजना लागू होगी। राज्य सरकार के ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ कार्यक्रम में उच्च व तकनीकी शिक्षा का समावेश है। विकसित महाराष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने के लिए उच्च व तकनीकी शिक्षा का योगदान महत्वपूर्ण होगा। इस योजना की अवधि साल 2026-27 से साल 2030-31 होगी। इसके बाद विस्तृत समीक्षा के बाद योजना में आवश्यक बदलाव किया जाएगा। योजना के तहत विश्वविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र डीप-टेक और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अनुसंधान के लिए मदद करेंगे। विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र तकनीकी विभाग स्थापित करना आवश्यक होगा। पारंपरिक शिक्षा पद्धति में बदलाव करके इंडस्ट्री 5.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को आकर्षित किया जाएगा। इसके अलावा मेटा विश्वविद्यालय, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्कृष्टता केंद्र, अनुसंधान निधि, अनुसंधान पार्क, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और उद्योग क्षेत्र की निधि का विचार किया जाएगा।

गठित की जाएगी समिति

सीएम सृष्टी योजना को लागू करने के लिए एक संचालन समिति गठित की जाएगी। राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव समिति के अध्यक्ष होंगे। जबकि वित्त विभाग और नियोजन (योजना) विभाग के सचिव समिति के सदस्य होंगे। जबकि राज्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष, उच्च शिक्षा निदेशक तथा तकनीकी शिक्षा निदेशक समिति के सदस्य बनाए जाएंगे। वहीं आवश्यकता के अनुसार आईआईटी मुंबई, आईआईएम मुंबई व नागपुर, आईआईएसईआर पुणे, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई समेत अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों को समिति में जगह दी जाएगी। जबकि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक समिति के सदस्य सचिव होंगे।

Created On :   6 Oct 2026 10:12 PM IST

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