बॉम्बे हाई कोर्ट: बिल्डिंग में लगी आग से दो लोगों की मौत का मामले में अदालत ने बिल्डर-आर्किटेक्ट और सोसायटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की रद्द

बिल्डिंग में लगी आग से दो लोगों की मौत का मामले में अदालत ने बिल्डर-आर्किटेक्ट और सोसायटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की रद्द
  • मुंबई के कांदिवली पुलिस स्टेशन में 2021 में दर्ज हुई थी एफआईआर
  • अदालत ने बिल्डर, आर्किटेक्ट और सोसायटी के पदाधिकारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को किया रद्द
  • किसी भवन के आर्किटेक्ट, सोसायटी के पदाधिकारी अथवा बिल्डर होने पर किसी व्यक्ति को आग लगने और उससे हुई मृत्यु के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के कांदिवली (प.) स्थित बिल्डिंग में 6 नवंबर 2021 को लगी आग से दो लोगों की मौत के मामले में अपने फैसले में कहा कि किसी भवन के आर्किटेक्ट, सोसायटी के पदाधिकारी अथवा बिल्डर होने के आधार पर किसी व्यक्ति को आग लगने और उससे हुई मौत के लिए आपराधिक रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। अदालत ने बिल्डर, आर्किटेक्ट और सोसायटी के पदाधिकारी के खिलाफ कांदिवली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया।

न्यायमूर्ति मिलिंद एन. जाधव की एकल पीठ ने संजय भैलाल शाह समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि जब भवन विधिवत स्वीकृत हो, उसके पास आवश्यक प्रमाणपत्र और अग्नि-सुरक्षा संबंधी अनुमतियां हों और घटना के कई वर्ष बाद किसी विशिष्ट विद्युत दोष के कारण आग लगी हो, तब अभियुक्त के खिलाफ प्रत्यक्ष आपराधिक भूमिका या आवश्यक आपराधिक लापरवाही का ठोस आधार होना आवश्यक है।

पीठ ने पाया कि आर्किटेक्ट ने बिल्डिंग के निर्माण की योजना वर्ष 2014 से काफी पहले तैयार की थी और बिल्डिंग को 15 सितंबर 2014 को अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) प्राप्त हो चुका था। अभियोजन का मुख्य आरोप यह था कि पहले स्वीकृत नक्शे में एक द्वार दर्शाया गया था, जबकि अंतिम स्वीकृत योजना में वह द्वार नहीं था, जिससे अग्निशमन दल को भवन तक पहुंचने में कठिनाई हुई।

पीठ ने कहा कि भवन निर्माण की प्रक्रिया में योजनाओं में समय-समय पर संशोधन होना सामान्य है। यहां अभियोजन का यह मामला भी नहीं था कि भवन अनधिकृत अथवा बिना अंतिम स्वीकृत योजना के बनाया गया था। अधिभोग प्रमाणपत्र से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि संबंधित प्राधिकरण ने भवन का निरीक्षण करके उसे आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया था।

क्या है पूरा मामला

कांदिवली (प.) में एक बिल्डिंग में 6 नवंबर 2021 को आग लगी थी, जिसमें दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी। आग लगने का कारण 14वीं मंजिल पर एक फ्लैट की डोरबेल में शॉर्ट-सर्किट होना बताया गया था। कांदिवली पुलिस स्टेशन में बिल्डर, आर्किटेक्ट और सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी।

Created On :   21 Aug 2026 10:28 PM IST

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