ऑपरेशन म्यूल अकाउंट: डोंगरी पुलिस ने किया ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी अकाउंट के सिंडिकेट का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

डोंगरी पुलिस ने किया ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी अकाउंट के सिंडिकेट का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार
  • आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मामूली रकम का झांसा देकर ऐंठते थे बैंक अकाउंट
  • 2 महीनों में 17 बैंक में कर चुके थे 25.45 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन
  • मध्य प्रदेश समेत 11 राज्यों से जुड़े तार, 93 बैंक खातों की जाँच जारी
  • 42 पासबुक, 70 डेबिट और 36 सिम कार्ड बरामद

Mumbai News. साइबर अपराध और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे देशव्यापी काले कारोबार के खिलाफ मुंबई की डोंगरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डोंगरी पुलिस के साइबर दस्ते ने ऑपरेशन म्यूल अकाउंट के तहत एक संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड से कमाए गए पैसों को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी बैंक खातों का एक विशाल नेटवर्क चला रहा था।

गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऐंठते थे खाते

पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया ने बताया कि हमारी जांच में यह खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य मुंबई के गोवंडी, मानखुर्द, डोंगरी तथा नवी मुंबई के बेलापूर, पनवेल और उस्मानाबाद जैसे इलाकों में सक्रिय थे। वे आर्थिक रूप से कमजोर और मासूम लोगों को निशाना बनाते थे और उन्हें मामूली रकम का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलते ही गिरोह पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड और लिंक किए गए सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेता था। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और घुमाने के लिए किया जाता था।

सैंडहर्स्ट रोड से 3 आरोपी दबोचे

सटीक गोपनीय जानकारी के आधार पर डोंगरी साइबर टीम ने सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन के बाहर, डॉ. महेश्वरी रोड पर जाल बिछाकर तीन आरोपियों निखिल कमलकुमार जसवाणी (28, पिपरिया, मध्य प्रदेश), राहुल श्यामलाल परवाणी (32, मध्य प्रदेश) और जय बिहारीलाल तीरथाणी (26, कटणी, मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 5 वांछित आरोपियों की तलाश जारी है और 3 महिलाओं को कानूनन नोटिस थमाया गया है।

42 पासबुक, 70 डेबिट और 36 सिम कार्ड बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजिटल और वित्तीय सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इसमें 42 पासबुक, 70 डेबिट कार्ड, 36 सिम कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 1 टैब, 12 बैंक किट और 1 फोर-व्हीलर कार शामिल है। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख है।

2 महीनों में 25.45 करोड़ का लेन-देन, 11 राज्यों में फैले तार

पुलिस जांच में कुल 110 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान हुई है। इनमें से सिर्फ 17 बैंक खातों के शुरुआती फॉरेंसिक विश्लेषण से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने महज 1.50 से 2 महीनों के भीतर 25.45 करोड़ का भारी-भरकम संदिग्ध लेन-देन किया है। इन खातों का संबंध मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक (9 मामले), तेलंगाना (6), उत्तर प्रदेश (5), पश्चिम बंगाल (3), दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और जम्मू-कश्मीर समेत कुल 11 राज्यों में दर्ज 38 साइबर अपराधों से पाया गया है।फिलहाल पुलिस द्वारा शेष 93 बैंक खातों की जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े वित्तीय घोटालों तथा नए नामों का खुलासा होने की पूरी संभावना है।

Created On :   20 Aug 2026 8:35 PM IST

Tags

Next Story