सख्त कार्रवाई: मराठी नहीं बोल पाए तो पहले मिलेगा एक महीने का नोटिस, फिर रद्द होगा ऑटो-टैक्सी चालकों का बैज, सख्ती लागू

मराठी नहीं बोल पाए तो पहले मिलेगा एक महीने का नोटिस, फिर रद्द होगा ऑटो-टैक्सी चालकों का बैज, सख्ती लागू
  • पहले मिलेगा एक महीने का नोटिस
  • इसके बाद मराठी नहीं बोलने पर 3 महीने के लिए रद्द होगा बैज
  • मराठी नहीं सीखेंगे कहने वालों पर कार्रवाई

Mumbai News. महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम को गुरुवार से सख्ती से लागू किया जा रहा है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मराठी का व्यावहारिक ज्ञान नहीं रखने वाले चालकों को पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। इस अवधि में मराठी सीखने में विफल रहने पर उनका बैज तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है। इसके बाद भी मराठी सीखने से जानबूझकर इनकार करने पर बैज और परमिट रद्द करने की कार्रवाई होगी।

1.65 लाख से ज्यादा गैर-मराठी चालकों ने लिया प्रशिक्षण

सरनाईक ने कहा कि राज्य के ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ की ओर से पिछले 105 दिनों से ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान’ चलाया जा रहा था। इस अभियान में करीब 1 लाख 65 हजार 600 गैर-मराठी ऑटो-टैक्सी चालकों ने हिस्सा लेकर मराठी का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालकों को प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं।

साल 1989 से लागू नियम, अब होगी सख्त कार्रवाई

सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र में साल 1989 से ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी का ज्ञान जरूरी है। 12 अगस्त 2026 को की गई संबंधित कानूनी व्यवस्था के बाद अब इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना नहीं है। महाराष्ट्र देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले नागरिकों को रोजगार देता रहा है और मुंबई ने हमेशा सभी को अपनाया है। लेकिन महाराष्ट्र की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना भी जरूरी है। मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद उसके प्रचार-प्रसार और संरक्षण के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

मराठी नहीं सीखेंगे कहने वालों पर कार्रवाई

परिवहन मंत्री ने कहा कि जो चालक मराठी सीखने और बोलने से स्पष्ट रूप से इनकार करेंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जाएगी। ऐसे मामलों में अब अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नए परमिट और बैज जारी करते समय आरटीओ अधिकारी चालक से प्रत्यक्ष बातचीत कर उसके व्यावहारिक मराठी ज्ञान की जांच करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। मराठी का पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान होने की पुष्टि के बाद ही नया बैज जारी किया जाएगा।

फर्जी डोमिसाइल प्रमाणपत्रों पर भी नजर

ऑटो-टैक्सी परमिट या बैज हासिल करने के लिए फर्जी अधिवास प्रमाणपत्रों (डोमिसाइल) के इस्तेमाल की शिकायतें भी मिली हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे प्रमाणपत्रों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर यह भी सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में पिछले 15 वर्षों से महाराष्ट्र में रह रहा है या नहीं। पुलिस के माध्यम से भी जांच कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने ऑटो-टैक्सी चालकों के कल्याण के लिए आनंद दिघे के नाम पर स्थापित महामंडल के माध्यम से करीब 37 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ा है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए करीब 57 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 65 वर्ष की आयु के बाद ऑटो चालकों को 10 हजार रुपए का अनुदान तथा गंभीर बीमारी या इलाज के लिए आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं।


Created On :   19 Aug 2026 9:52 PM IST

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