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खुलासा: अपात्र 71 लाख लाड़ली बहनों पर सरकार के 21 हजार करोड़ खर्च, 20 महीनों से मिलता रहा अनुदान

Mumbai News. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना' में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। राज्य सरकार की इस योजना में करीब 71 लाख महिलाएं अपात्र पाई गई हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन्हें पिछले 20 महीनों से लगातार अनुदान मिलता रहा। जिसके चलते राज्य सरकार पर करीब 21 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2024 से इन अपात्र लाभार्थियों को हर महीने करीब 1 हजार 65 करोड़ रुपये दिए गए। इस तरह अब तक सरकार पर करीब 21 हजार 300 करोड़ रुपए सरकार की झोली से निकल चुके हैं।
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20 महीने तक मिलती रही रकम?
दरअसल महायुति सरकार ने जुलाई 2024 में इस योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देना था। हर पात्र महिला को 1 हजार 500 रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान था। सरकार को उस समय कुल 2.47 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे। सरकार ने बिना प्रारंभिक जांच के सभी के खातों में राशि ट्रांसफर कर दी। इस योजना पर हर महीने करीब 3 हजार 600 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे।
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जांच में सामने आई गड़बड़ी
वित्तीय दबाव बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने नवंबर 2024 से लाभार्थियों का सत्यापन शुरू किया। 1.90 करोड़ महिलाओं ने ई-केवाईसी पूरी की, इनमें से 1.75 करोड़ महिलाएं ही पात्र पाई गईं। जबकि करीब 71 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया। इसी से स्पष्ट हुआ कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना का गलत फायदा उठाया। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि यह सच है कि पिछले 20 महीनों में 71 लाख अपात्र महिलाओं ने योजना का लाभ लिया। उन्होंने कहा कि अपात्र महिलाओं को 30 अप्रैल 2026 तक ई-केवाईसी करने का मौका दिया गया है।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिरकार 21 हजार करोड़ रुपये की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार अपात्र लाभार्थियों से राशि की वसूली करेगी? या भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए क्या व्यवस्था होगी, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Created On :   2 April 2026 8:25 PM IST







