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झोपड़पट्टी समूह पुनर्विकास योजना: वर्ग फुट के बदले अब मिल सकेगा 300 वर्ग फुट का घर, चलाया जाएगा बालासाहेब ठाकरे शहरी लोककल्याण अभियान

Mumbai News. प्रदेश सरकार ने मुंबई को झोपड़ा मुक्त बनाने के लिए हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे शहरी लोककल्याण अभियान लागू करने का फैसला लिया है। प्रदेश के गृहनिर्माण विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके तहत मुंबई के झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) परियोजनाओं की इमारतों में पुराने 180, 225 और 269 वर्गफुट क्षेत्रफल वाले घर मालिकों को अब कम से कम 300 वर्ग फुट का घर मिल सकेगा। फिलहाल विकास नियंत्रण व प्रोत्साहन नियमावली 2034 के संशोधित प्रावधानों के अनुसार झोपड़ा धारकों को न्यूनतम 300 वर्ग फुट का घर देने की नीति है। सरकार की अन्य योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना में भी 300 वर्ग फुट घर देने का प्रावधान है।
झोपड़पट्टी समूह पुनर्विकास योजना
शहर में निजी, सरकारी और अर्धसरकारी बड़े भूखंडों पर झोपड़पट्टी समूह पुनर्विकास योजना लागू करने के लिए नवंबर 2025 में मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र और उसमें 51 प्रतिशत से अधिक झोपड़े होने पर वहां समूह पुनर्विकास योजना लागू करने का प्रावधान है। लेकिन अब सरकार ने अभियान के जरिए मुंबई शहर को झोपड़ा मुक्त करने के लिए झोपड़पट्टी समूह पुनर्विकास योजना को प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही झोपडपट्टी समूह क्षेत्र का सीमांकन किया जाएगा। समूह क्षेत्र का बायोमैट्रिक सर्वेक्षण करके परिशिष्ट-2 जारी किया जाएगा। सरकारी और अर्धसरकारी मालिकाना हक वाली जमीन के लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। इसके बाद विस्तृत प्रस्ताव उच्चस्तरीय समिति के पास मंजूरी के लिए भेजना होगा। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न झोपड़पट्टी समूह क्षेत्र के पुनर्विकास के लिए मुंबई मनपा, एमएमआरडीए, महाप्रित संस्था के साथ सरकार की मंजूरी से करार किया जा सकता है।
देखभाल शुल्क में बढ़ोतरी
मुंबई में फिलहाल एसआरए परियोजनाओं में हर घर के लिए 40 हजार रुपए देखभाल शुल्क बिल्डरों को भरना पड़ता है। ऊंची इमारतों के लिए यह देखभाल शुल्क अत्यल्प साबित होती है। इसलिए 70 मीटर तक ऊंची इमारतों के लिए प्रति घर 1 लाख रुपए, 70 से 120 मीटर तक ऊंची इमारतों के लिए प्रति घर 2 लाख रुपए और 120 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों के लिए प्रति घर 3 लाख रुपए बिल्डरों को देना पड़ेगा।
नेत्रम प्रणाली का इस्तेमाल
मुंबई महानगर प्रदेश क्षेत्र में नया झोपड़ा नहीं बनने देने के लिए उपग्रह डेटा और डिजिटल तकनीकी का इस्तेमाल करके जीआईएस आधारित सक्रिय झोपड़पट्टी ट्रैकिंग तंत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए मुंबई मनपा, महाराष्ट्र गृहनिर्माण और क्षेत्र विकास प्राधिकरण, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी कार्यालय को अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र कक्ष स्थापित करना होगा।
Created On :   2 April 2026 9:04 PM IST








