विशेष पुनरीक्षण अभियान: सपकाल ने कहा - राज्य में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष रूप से लागू हो

सपकाल ने कहा - राज्य में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष रूप से लागू हो
  • राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
  • राज्य में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण अभियान निष्पक्ष रूप से लागू हो

Mumbai News. निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर कई राज्यों ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र में वर्ष 2002-04 के दौरान एसआईआर प्रक्रिया चलाई गई थी और यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी जल्दबाजी के लगभग 13 महीनों में पूरी की गई थी। अब 25 साल बाद जब यह प्रक्रिया फिर से की जा रही है, तो मतदाताओं की संख्या में साढ़े तीन करोड़ की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इसकी योजना बनाई जानी चाहिए। राज्य में अगले 2-3 वर्षों में कोई चुनाव नहीं है, इसलिए यह प्रक्रिया डेढ़ से दो साल चले तो भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

सपकाल ने कहा कि उन्हें शिकायतें मिल रही हैं कि जानबूझकर कुछ विशेष जातियों और धर्मों के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। कुछ राज्यों में चुनाव से ठीक पहले किए गए एसआईआर अभियान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। यह भी देखा गया है कि यह अभियान सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसलिए राज्य में होने वाले एसआईआर अभियान को बिना किसी जल्दबाजी के निष्पक्ष रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर की सॉफ्ट कॉपी या हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। एसआईआर पर आपत्ति दर्ज करने तथा नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाना चाहिए। सपकाल ने आगे कहा कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसका पक्ष सुनने के लिए कम से कम सात दिन का नोटिस देना अनिवार्य होना चाहिए। यह प्रक्रिया केवल मतदाता पंजीकरण तक सीमित रखी जाए।

Created On :   2 April 2026 8:40 PM IST

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