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महिला आरक्षण: हर्षवर्धन सपकाल ने कहा - हिम्मत है तो आरएसएस के सरसंघचालक पद पर महिला नियुक्त करें

Mumbai News. भाजपा को महिला आरक्षण पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा की विचारधारा गोलवलकर के ‘बंच ऑफ थॉट’ और ‘मनुस्मृति’ पर आधारित है, जिसमें महिलाओं को अत्यंत निम्न दर्जे का माना गया है। इस मनुवादी सोच वाली पार्टी को पहले ‘बंच ऑफ थॉट’ और ‘मनुस्मृति’ की होली जलानी चाहिए, उसके बाद ही महिला आरक्षण पर बोलना चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक पद पर महिला की नियुक्ति करके दिखाएं, ऐसी चुनौती प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
सपकाल ने आगे कहा कि महिला आरक्षण पर बोलते समय भाजपा को महिलाओं के प्रति अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करना चाहिए। सावित्रीबाई फुले ने जब लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया था तब उन पर गोबर फेंकने वाले कौन थे, यह भाजपा को बताना चाहिए। सावित्रीबाई का इन तथाकथित धर्म रक्षकों ने उत्पीड़न किया था, इसलिए महिलाओं के प्रति भाजपा का दिखावटी प्रेम सबको मालूम है। संसद में महिला आरक्षण विधेयक 2023 में सभी दलों के समर्थन से पारित हो चुका है। 16 अप्रैल को लोकसभा में जो विधेयक पेश किया गया था, वह डिलिमिटेशन से जुड़ा था। इस विधेयक के जरिए भाजपा देश को बांटना चाहती थी और मुंबई तथा महाराष्ट्र को ‘गायपट्टा’ में बदलने की साजिश थी।
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भाजपा की धमकियों से न डरें
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा द्वारा वर्ली में निकाले गए मोर्चे के दौरान एक स्थानीय महिला ने नाराजगी जताते हुए मंत्री गिरीश महाजन को खरी-खोटी सुनाई। इस महिला ने मोर्चे से हुई परेशानी को लेकर गुस्सा जाहिर किया और यह वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया। अपनी किरकिरी होने के बाद अब भाजपा के लोग इस मोर्चे की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को ही धमका रहे हैं। यह वीडियो कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट किया गया था और यह कांग्रेस तक कैसे पहुंचा, इसकी पूछताछ की जा रही है।
आगे से लोगों को न हो तकलीफ इसका रखेंगे ध्यान- महाजन
महायुति के मोर्चे में महिला के हंगामे पर मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि इस घटना से सबक लिया जाएगा। उन्होंने माना कि ऐसे आयोजनों के दौरान आम लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए बेहतर प्रबंधन किया जाएगा, ताकि किसी को परेशानी न हो। महाजन ने कहा कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ और व्यवस्था को संभालना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन प्रशासन और आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे आम जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखें।
Created On :   22 April 2026 9:37 PM IST







