इस बार बढ़ी मांग: गर्मी और सूखे ने बढ़ाई बिजली की मांग, महाराष्ट्र में 5 हजार मेगावाट की अतिरिक्त जरूरत

डिजिटल डेस्क, मुंबई. सोमदत्त शर्मा। महाराष्ट्र में अक्टूबर महीने में भीषण गर्मी और बारिश की कमी का असर अब बिजली की खपत पर दिखाई देने लगा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल राज्य में बिजली की मांग करीब 5 हजार मेगावाट बढ़ गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार और बिजली कंपनियां अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने में जुटी हैं। सरकारी बिजली कंपनी महाडिस्कॉम के निदेशक विश्वास पाठक ने 'दैनिक भास्कर' से बातचीत में बताया कि इस साल अक्टूबर में राज्य को करीब 33 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ रही है, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह मांग करीब 28 हजार मेगावाट थी। पाठक के मुताबिक बिजली की खपत में इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह उपभोक्ताओं द्वारा अधिक बिजली का इस्तेमाल करना है। गर्मी के कारण घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ा है। इसके अलावा बारिश कम होने से कृषि क्षेत्र में भी बिजली की मांग बढ़ी है। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए कृषि पंप ज्यादा समय तक चलाने पड़ रहे हैं।
मांग के हिसाब से होती है बिजली की व्यवस्था
पाठक ने बताया कि राज्य में बिजली का प्रबंधन मांग के अनुसार किया जाता है। जितनी बिजली की जरूरत होती है, उसके हिसाब से उत्पादन और खरीद की योजना बनाई जाती है। यदि राज्य में उपलब्ध बिजली उत्पादन मांग से कम होता है तो केंद्र सरकार के बिजली संयंत्रों और दूसरे राज्यों से बिजली खरीदी जाती है। इसके अलावा सौर ऊर्जा, निजी बिजली उत्पादक कंपनियों और महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (महाजेनको) से भी बिजली ली जाती है। बिजली कंपनियां उपलब्धता और खपत के अनुसार आपूर्ति का प्रबंधन करती हैं।
12 अक्टूबर को 33,600 मेगावाट के पार पहुंची मांग
बिजली की बढ़ती मांग के बीच अक्टूबर में राज्य ने बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड भी बनाया। ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 12 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र में बिजली की अधिकतम मांग 33.6 हजार मेगावाट तक पहुंच गई। जबकि राज्य भर में बिजली की अधिकतम 33 हजार 51 मेगावाट मांग ही पूरी की गई। यह राज्य के बिजली नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। तापमान सामान्य से 1 से 7 डिग्री अधिक रहने और मराठवाड़ा तथा विदर्भ में कम बारिश के कारण घरेलू और कृषि क्षेत्र में बिजली का इस्तेमाल बढ़ा है। हालांकि बीते एक दो दिन से तापमान में गिरावट और कुछ इलाकों में बारिश के बाद बिजली की अधिकतम मांग घटकर 28 हजार 652 मेगावाट रह गई है। इसके बावजूद राज्य में बिजली की मांग को लेकर सरकार और संबंधित कंपनियां आगे की तैयारियों में जुटी हैं।
Created On :  
