दिनभर बजती रहीं मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के दफ्तरों के फोन की घंटियां, बकाया भुगतान के लिए ठेकेदारों का आंदोलन

दिनभर बजती रहीं मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के दफ्तरों के फोन की घंटियां, बकाया भुगतान के लिए ठेकेदारों का आंदोलन
  • राज्य के 35 जिलों से करीब 8 हजार कॉल कर सरकार से पूछा- हमारा बकाया पैसा कब मिलेगा?
  • नागपुर और अमरावती के ठेकेदारों ने भी उठाया मुद्दा

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र में सरकारी विभागों के काम करने वाले ठेकेदारों ने अपने बकाया भुगतान को लेकर शुक्रवार को अनोखा आंदोलन किया। राज्यभर के ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उप मुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के कार्यालयों में फोन कर सरकार से एक ही सवाल पूछा कि आखिर हमारा बकाया पैसा कब मिलेगा? सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस फोन आंदोलन के चलते मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में दिनभर फोन की घंटियां बजती रहीं। महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ, राज्य अभियंता संगठन और महाराष्ट्र राज्य पानी आपूर्ति ठेकेदार संगठन के ठेकेदारों के राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में 86 हजार करोड़ रुपए के बिल लंबे समय से लंबित हैं। जिनके संयुक्त आह्वान पर हुए इस आंदोलन में करीब 35 जिलों के हजारों ठेकेदारों ने हिस्सा लिया।

ठेकेदार संगठनों का दावा है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में पिछले दो वर्षों से करीब 86 हजार करोड़ रुपए के बिलों का भुगतान लंबित है। राज्य अभियंता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मिलिंद भोसले के अनुसार मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कराने के लिए 25 से 50 बार तक ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। भोसले ने आरोप लगाया कि फोन आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में फोन लगातार व्यस्त रखे गए। कई जगह फोन उठाने के बाद भी अधिकारी बिना बात किए लाइन चालू रखते रहे, जबकि कुछ लोगों को असंगत जवाब देकर टालने की कोशिश की गई। जबकि कुछ अधिकारियों ने यह भी कहा कि बकाया भुगतान का मामला उनके विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बजाय उनकी कॉल को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय ट्रांसफर किया जाता रहा। इस दौरान करीब 8 कॉल कर सरकार से सवाल पूछे गए।

ठेकेदार की पत्नी ने बताई आर्थिक बदहाली

इस आंदोलन के दौरान पंढरपुर की भाग्यश्री कावले ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के कार्यालय में फोन कर अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि उनके पति ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत सड़क निर्माण का काम पूरा कर दिया है, लेकिन लंबे समय से उसका भुगतान नहीं मिला है। इसकी वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। कार्यालय के अधिकारी ने उनकी बात गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांग सुनेत्रा पवार तक पहुंचाई जाएगी।

नागपुर और अमरावती के ठेकेदारों ने भी उठाया मुद्दा

नागपुर के दीपेश कोल्लूरवार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में फोन कर अपने लंबित बिलों के भुगतान के बारे में जानकारी मांगी। इस पर कार्यालय के अधिकारी ने कहा कि बकाया बिलों का भुगतान फोन के माध्यम से नहीं हो सकता। इसके लिए संबंधित विभाग में कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करना होगा। वहीं अमरावती के उज्ज्वल पांडे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में फोन कर नगर विकास विभाग में लंबित अपने बिल के भुगतान की मांग की। अधिकारी ने इसे बड़ा मामला बताते हुए उनसे उपमुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने की सलाह दी। साथ ही स्थानीय विधायक के माध्यम से भी इस मुद्दे को उठाने का सुझाव दिया।

विभागवार बकाया राशि की सूची इस प्रकार है




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