मराठा आरक्षण पर सियासी संग्राम: सीएम बोले- रोटियां सेंकने की कोशिश करने वालों का मुंह सिकेगा, उद्धव का शिंदे पर निशाना, जरांगे पर मेहरबान हुए राकांपा अजित गुट के विधायक, शरद पवार की चुप्पी

सीएम बोले- रोटियां सेंकने की कोशिश करने वालों का मुंह सिकेगा, उद्धव का शिंदे पर निशाना, जरांगे पर मेहरबान हुए राकांपा अजित गुट के विधायक, शरद पवार की चुप्पी
  • मुख्यमंत्री बोले- कुछ दल के नेता रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनका मुंह सेंक जाएगा
  • पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ने उपमुख्यमंत्री शिंदे पर साधा निशाना
  • शपथ लेने वाले शिंदे ने न्याय क्यों नहीं दिलाया- उद्धव

Mumbai News. मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे-पाटील के ओबीसी कोटे में मराठा समाज को आरक्षण देने की मांग को शुक्रवार को लेकर अनशन शुरू होते ही सियासी संग्राम शुरू हो गया है। जरांगे-पाटील के आंदोलन को लेकर सत्तारूढ़ महायुति और विपक्ष के गठबंधन महाविकास आघाड़ी आमने-सामने आ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार मराठा समाज की मांगों को लेकर सकारात्मक है। लेकिन कुछ दल के नेता जानबुझकर मराठा और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। मराठा और ओबीसी समाज में झगड़ा लगाने का प्रयास चल रहा है। मुझे यह स्पष्ट रूप से ध्यान आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी मराठा आंदोलन में राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश न करे, नहीं तो उनका मुंह सेंक जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सामाजिक ताना बाना बनाए रखना है। एक समाज को दूसरे समाज के खिलाफ लड़ाना उचित नहीं है।

शपथ लेने वाले शिंदे ने न्याय क्यों नहीं दिलाया- उद्धव

इससे पहले शिवसेना (उद्धव) के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार को जरांगे-पाटील से तत्काल चर्चा करनी चाहिए। मराठा समाज को न्याय देना चाहिए। उद्धव ने कहा कि विपक्ष में रहने के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि यदि हमारी सरकार होती तो मराठा समाज को कुछ में ही न्याय देते। अब मुख्यमंत्री फडणवीस को मराठा समाज को न्याय देना चाहिए। उद्धव ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार में शिंदे ने मुख्यमंत्री रहते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतिमा का सामने मराठा आरक्षण के लिए शपथ ली थी। फिर मराठा समाज को न्याय क्यों नहीं दिलाया गया। उद्धव ने कहा कि मराठा समाज को मुंबई में आकर आंदोलन करने का अधिकार है। मराठा समाज मुंबई में आंदोलन नहीं करेगा तो क्या सूरत और गुवाहाटी में जाकर आंदोलन करेगा।

उद्धव को बोलने का अधिकार नहीं - शिंदे

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव पर पलटवार करते हुए कहा कि उद्धव को मराठा आरक्षण पर बोलने का अधिकार नहीं है। क्योंकि महाविकास आघाड़ी सरकार में मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव मराठा आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट में टिकाए नहीं रख पाए थे।

मराठा आरक्षण के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव- हर्षवर्धन सपकाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। शुक्रवार को सपकाल ने पार्टी के सांसदों के साथ बैठक की। जिसमें कोल्हापुर सीट से कांग्रेस सांसद छत्रपति शाहू महाराज और जालना सीट से कांग्रेस सांसद कल्याण काले समेत अन्य नेता मौजूद थे। सपकाल ने कि मुख्यमंत्री को दिल्ली जाकर आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को शिथिल करवाना चाहिए।

सरकार ने आंदोलन की ओर अनदेखी की - आव्हाड

राकांपा (शरद) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि सरकार ने आंदोलन की ओर अनदेखी की है। सरकार को आंदोलन शुरू होने से पहले ही जरांगे-पाटील से चर्चा करनी चाहिए थी। किसी भी आंदोलन में चर्चा से बीच का रास्ता निकल जाता है। मराठा समाज को आरक्षण मिलना चाहिए। यह राकांपा (शरद) की स्पष्ट भूमिका है।

जरांगे-पाटील पर मेहरबान हुए राकांपा (अजित) के विधायक और मंत्री

मराठा आंदोलक मनोज जरांगे-पाटील ने शुक्रवार से आजाद मैदान में अनशन शुरू किया है। जरांगे-पाटील के इस आंदोलन में अलग-अलग राजनीतिक रंग देखने को मिल रहा है। जरांगे-पाटील से सत्तारूढ़ राकांपा (अजित) के कई विधायकों ने मुलाकात की। प्रदेश के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे ने जरांगे-पाटील के तारीफों के पुल बांध दिए। कोकाटे ने कहा कि जरांगे-पाटील बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना (शिंदे) के विधायकों ने जरांगे-पाटील से दूरी बनाते नजर आए। वहीं विपक्षी दल शिवसेना (उद्धव) और राकांपा (शरद) के कई विधायकों और सांसदों ने भी जरांगे-पाटील से मुलाकात की। अनशन शुरू करने के बाद जरांगे-पाटील से मंच पर राकांपा (अजित) के बीड़ के माजलगांव सीट से विधायक प्रकाश सोलंके और गेवराई सीट से राकांपा (अजित) के विधायक विजय सिंह पंडित से मिले। वहीं राकांपा (शरद) के बीड़ सीट से विधायक संदीप क्षीरसागर, सोलापुर की माढ़ा सीट से राकांपा (शरद) के विधायक अभिजीत पाटील और राकांपा (शरद) के बीड़ सीट से सांसद बजरंग सोनवणे ने जरांगे-पाटील से मुलाकात करके उनके आंदोलन को समर्थन दिया। शिवसेना (उद्धव) के उस्मानाबाद सीट से विधायक कैलाश पाटील और शिवसेना (उद्धव) के उस्मानाबाद सीट से सांसद ओमराजे निंबालकर भी आजाद मैदान में पहुंचे थे।

जायज मांगों पर विधायकों को भूमिका लेने का अधिकार – अजित पवार

जरांगे-पाटील से राकांपा (अजित) के विधायकों के मिलने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। पुणे में अजित ने कहा कि जरांगे-पाटील से अलग-अलग दलों के विधायकों और सांसदों ने मुलाकात की है। जायज मांगों के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को उचित भूमिका लेने का अधिकार है। ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने जरांगे-पाटील के आंदोलन को समर्थन देने को लेकर राकांपा (अजित) और उपमुख्यमंत्री अजित पर गंभीर आरोप लगाया है। इस पर अजित ने कहा कि मैं उनके आरोपों को महत्व देना नहीं चाहता हूं। मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है।

शरद पवार का आंदोलन पर बोलने से परहेज

जरांगे-पाटील के आंदोलन पर राकांपा (शरद) के अध्यक्ष शरद पवार ने कुछ भी बोलने से परहेज किया। शुक्रवार को पवार ने अपने आवास पर इंडिया गठबंधन की ओर से उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी के साथ पत्रकारों से बातचीत की। आंदोलन के सवाल पर पवार ने कहा कि इस वक्त आंदोलन के विषय पर बोलना उचित नहीं होगा।


Created On :   29 Aug 2025 10:07 PM IST

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