अंदरूनी घमासान: रोहित पवार से मिली जानकारी के बाद सुनेत्रा पवार ने तटकरे-पटेल के पत्र को हटाने को लिखा था चुनाव आयोग को पत्र

रोहित पवार से मिली जानकारी के बाद सुनेत्रा पवार ने तटकरे-पटेल के पत्र को हटाने को लिखा था चुनाव आयोग को पत्र
  • तटकरे और पार्टी कोषाध्यक्ष गर्जे में हुए विवाद की चर्चा तेज
  • सुनेत्रा पवार ने तटकरे-पटेल के पत्र को हटाने को लिखा था चुनाव आयोग को पत्र
  • रोहित पवार से मिली जानकारी के बाद

Mumbai News. राकांपा (अजित) में शुरू हुए अंदरूनी विवाद ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। अब इस विवाद में एक नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार द्वारा दी गई जानकारी के बाद सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर राकांपा (अजित) प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे और कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पत्र को नजरअंदाज करने की मांग की थी। रोहित को यह जानकारी अजित गुट के एक नेता से मिली थी।

क्या है मामला?

दरअसल अजित पवार के निधन के बाद 16 फरवरी को प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। पत्र में इन दोनों नेताओं ने मांग की थी कि पार्टी के कार्याध्यक्ष को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे अधिकार दिए जाएं। इस बात की जानकारी जैसे ही रोहित पवार को मिली तो उन्होंने सुनेत्रा पवार को इस मामले की जानकारी दी। सुनेत्रा ने इसके बाद 10 मार्च को चुनाव आयोग को अलग पत्र भेजकर 16 फरवरी के पत्र को नजरअंदाज करने को कहा। इसके बाद ही अजित गुट में कलह की शुरुआत हुई।

पार्टी कार्यालय में बहस, नेताओं के बीच बढ़ी तनातनी

इसी बीच पार्टी के भीतर विवाद और बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि पार्टी कोषाध्यक्ष शिवाजीराव गर्जे और सुनील तटकरे के बीच बीते मंगलवार को पार्टी कार्यालय में कामकाज को लेकर तीखी बहस हुई। तटकरे ने गर्जे पर पार्टी के विधायकों को उनके खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया। पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्थ पवार ने गर्जे को विधायकों तक पार्टी के फैसलों और तटकरे-पटेल के निर्णयों की जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। बताया जा रहा है कि यही बात तटकरे को नागवार गुजरी, जिसके चलते दोनों नेताओं के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया।

Created On :   3 April 2026 9:59 PM IST

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