महाराष्ट्र: प्रदेश में बिछाया जाएगा वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला का जाल, मुख्यमंत्री फडणवीस की मांग पर केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

प्रदेश में बिछाया जाएगा वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला का जाल, मुख्यमंत्री फडणवीस की मांग पर केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
  • विषाणु निदान प्रयोगशाला का जाल बिछाया जाएगा
  • प्रयोगशाला मंजूर करने की मांग को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया
  • इंदिरा गांधी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय, अकोला, छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर, धुलिया और सांगली के लिए मान्यता

Mumbai News. महाराष्ट्र में वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला का जाल बिछाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राज्य में विषाणु निदान प्रयोगशाला मंजूर करने की मांग को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। केंद्र सरकार ने नागपुर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में विषाणु निदान प्रयोगशाला मंजूर किया है। इसके अलावा इंदिरा गांधी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय, अकोला, छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर, धुलिया और सांगली के मिरज चिकित्सा महाविद्यालय में विषाणु निदान प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए मान्यता दी गई है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार से 29 करोड़ 21 लाख रुपए निधि उपलब्ध कराई गई है। इस निधि से अत्याधुनिक मशीन खरीदकर प्रयोगशाला कार्यान्वित की जाएगी। इससे राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधा अधिक सक्षम हो सकेगी।

इसके पहले मुख्यमंत्री ने 13 जुलाई 2017 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर महाराष्ट्र के लिए विषाणु निदान प्रयोगशाला मंजूर करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने पत्र में नागपुर, मुंबई समेत राज्य के विभिन्न दस चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रयोगशाला मंजूर करने की मांग की थी। कोविड महामारी के दौरान इन प्रयोगशालाओं का आरटी-पीसीआर की जांच के लिए मदद मिली थी। सरकार के मुताबिक राज्य भर में अभी तक मौजूदा प्रयोगशालाओं में 40 लाख 41 हजार 689 मरीजों की जांच हुई है। जिसमें कोविड-19 के 37 लाख 21 हजार 154, डेंगू के 88 हजार 327, चिकनगुनिया के 39 हजार 817, जीका वायरस के 3 हजार 923, स्क्रब टाइफस के 7 हजार 91, इन्फ्लुएंजा के 27 हजार 536, एचबीवी के 1 लाख 53 हजार 180 और रोटावायरस के 651 मरीजों की जांच का समावेश है।

Created On :   30 April 2026 6:25 PM IST

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