मंत्रिमंडल फैसले-मंजूरी: आंबेडकर के नाम पर लंदन के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यासन केंद्र, बढ़ी उच्च शिक्षा के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति. हरित महाराष्ट्र आयोग होगा स्थापित

आंबेडकर के नाम पर लंदन के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यासन केंद्र, बढ़ी उच्च शिक्षा के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति. हरित महाराष्ट्र आयोग होगा स्थापित
  • 12 साल बाद बढ़ी उच्च शिक्षा के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति
  • आंबेडकर के नाम पर लंदन के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यासन केंद्र
  • प्रदेश में 300 करोड़ पौधे लगाने हरित महाराष्ट्र आयोग होगा स्थापित

Mumbai News. भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से प्रख्यात लंदन के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस संस्था में अध्यासन (चेयर) केंद्र स्थापित किया जाएगा। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया है। अध्यासन केंद्र स्थापित करने के लिए 37 करोड़ 13 लाख 82 हजार 300 रुपए एकमुश्त निधि दी जाएगी। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस, राज्य सरकार और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था के समन्वय से दस व्यक्तियों को पीएचडी छात्रवृत्ति देने के लिए मंजूरी दी गई है। पीएचडी की अवधि चार साल की होगी। पहली छात्रवृत्ति शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से शुरू होगा। जबकि दूसरी छात्रवृत्ति शैक्षणिक वर्ष 2029-30 में शुरू होगा। छात्रवृत्ति के लिए आवेदनों की जांच लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की समिति करेगी। पहले दस छात्रवृत्ति के लिए राज्य सरकार, बार्टी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस की ओर से 50-50 प्रतिशत निधि की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साल 2027-28 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए 2 करोड़ 36 लाख 83 हजार रुपए खर्च का अनुमान है। इसमें से 50 प्रतिशत राशि यानी 1 करोड़ 18 लाख 41 हजार रुपए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की ओर से निधि दी जाएगी। आंबेडकर के कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने और उनके विचारों पर आधारित सामाजिक न्याय, संवैधानिक लोकतंत्र, आर्थिक समता और मानव अधिकारों के अध्ययन के लिए अध्यासन केंद्र बनाने का फैसला लिया गया है।

12 साल बाद बढ़ी उच्च शिक्षा के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति

राज्य मंत्रिमंडल ने उच्च माध्यमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना में संशोधन करने का फैसला लिया है। इससे 12 साल बाद दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी होगी। संशोधित छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय, संस्था और शिक्षा मंडल को दिया जाने वाला शुल्क, प्रवेश फीस, ट्यूशन फीस, पंजीयन फीस, खेल, यूनियन, लाइब्रेरी, चिकित्सा जांच आदि के लिए अनिवार्य शुल्क के लिए राशि मंजूर की जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रति महीने वित्तीय सहायता भी तय की गई है। समूह 1 के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर, स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए आवासीय विद्यार्थियों को प्रति महीने 1200 रुपए के बजाय 1700 रुपए मिल सकेगा। जबकि गैरआवासीय विद्यार्थियों को 550 रुपए के बजाय 900 रुपए प्रदान किया जाएगा। समूह 2 के तहत अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवासीय विद्यार्थियों को 820 रुपए के बजाय 1200 रुपए और गैरआवासीय विद्यार्थियों को 530 रुपए के ऐवज में 850 रुपए मिल सकेगा। इसके साथ ही अन्य पाठ्यक्रमों के दिव्यांग विद्यार्थियों की भी राशि बढ़ाई गई है।

प्रदेश में 300 करोड़ पौधे लगाने हरित महाराष्ट्र आयोग होगा स्थापित

प्रदेश में 300 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हरित महाराष्ट्र आयोग की स्थापना को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। सरकार ने राज्य में साल 2047 तक 300 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। हरित महाराष्ट्र आयोग के नियामक मंडल के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष उपमुख्यमंत्री होंगे। जबकि राज्य के वन मंत्री, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री कृषि मंत्री, रोजगार गारंटी योजना मंत्री सह उपाध्यक्ष होंगे। राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार देश में कुल भौगोलिक क्षेत्र में से 33 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित अथवा वृक्षाच्छादित होना चाहिए। राज्य में वनाच्छादित क्षेत्र 16.63 प्रतिशत और वृक्षाच्छादित क्षेत्र 4.72 प्रतिशत है। इसलिए राज्य में कुल हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) 21.25 प्रतिशत है। हरित क्षेत्र को 33 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए राज्य ने दीर्घकालिक योजना बनाया है। राज्य में साल 2047 यह लक्ष्य प्राप्त करने की योजना है। राज्य में पौधारोपण के लिए जगह की उपलब्धता और लैंड (जमीन) बैंक निर्माण की जाएगी। फिलहाल 29 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन उपलब्ध है। लेकिन 300 करोड़ पौधे लगाने के लिए लगभग 27 लाख हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। जिलेवार लैंड बैंक विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य के वन विभाग, मनरेगा और अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करके जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

Created On :   29 April 2026 9:37 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story