चेतावनी: भीषण गर्मी पर सख्त एनएचआरसी, महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश - राहत उपाय तुरंत करें लागू

भीषण गर्मी पर सख्त एनएचआरसी, महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश -  राहत उपाय तुरंत करें लागू
  • राहत उपाय तुरंत लागू करने और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर जोर
  • 22 राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश

New Delhi News. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भीषण गर्मी को देखते हुए देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट किया है। आयोग ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित सभी संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर समय रहते प्रभावी राहत उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि बढ़ती गर्मी, लू की अवधि और तीव्रता को देखते हुए एकीकृत और समावेशी रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे, नवजात शिशु और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग अत्यधिक गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

एनएचआरसी ने जिन राज्यों को निर्देश जारी किए हैं, उनमें दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि लू के कारण न केवल स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, बल्कि आजीविका प्रभावित होती है और आग जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए आयोग ने बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच देश में लू और भीषण गर्मी के कारण 3,712 लोगों की मौत हो चुकी है।

एनएचआरसी ने राज्यों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दिशानिर्देशों और अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप ठोस कार्ययोजना बनाएं, ताकि लू के प्रभाव को कम किया जा सके और जनहानि रोकी जा सके।

Created On :   28 April 2026 9:50 PM IST

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