संख्याबल का खेल: विधान परिषद चुनाव की हलचल, चौंकाने वाले निर्णय के बढ़े आसार, चर्चा में बने हुए हैं कई बड़े नाम

विधान परिषद चुनाव की हलचल, चौंकाने वाले निर्णय के बढ़े आसार, चर्चा में बने हुए हैं कई बड़े नाम
  • भाजपा व राकांपा सुनेत्रा में दावेदारों की भरमार, 30 से शुरू हो जाएगा नामांकन
  • 30 से शुरू हो जाएगा नामांकन
  • कई बड़े नाम चर्चा में बने हुए हैं

Nagpur News. विधानपरिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर हलचल तेज होने लगी है। संख्याबल के आधार पर भाजपा के सर्वाधिक सदस्य चुने जाएंगे। राकांपा सुनेत्रा को भी मौका मिलेगा। ऐसे में उम्मीदवारी को लेकर दावेदारों की भरमार है। लेकिन यह बात प्रमुखता से कही जा रही है कि उम्मीदवारी को लेकर चौंकानवाला निर्णय सामने आ सकता है। इस चुनाव के लिए 30 अप्रैल से नामांकन शुरू हो जाएगा। 10 सीटों में से 2 सीटों पर विदर्भ से प्रतिनिधित्व रहा है। नागपुर से संदीप जोशी व वर्धा से दादाराव केचे विधानपरिषद सदस्य हैं। एक वर्ष में ही इनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में इनके स्थान पर किसने नाम की लाटरी लगेगी यह जानने की उत्सुकता है।

कई बड़े नाम चर्चा में बने हुए हैं

भाजपा में सत्ता समायोजन की चुनौती बनी हुई है। विधानसभा चुनाव के समय उम्मीदवारी से वंचित रहे नेताओं को विधानपरिषद में भेजने का भरोसा दिलाया जाता रहा है। नागपुर जिले से दयाशंकर तिवारी, संजय भेंडे, राजीव पोतदार, उपेंद्र कोठेकर सहित अन्य कुछ नाम चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि इनमें से कुछ नामों का प्रस्ताव दिल्ली भेजा जा चुका है। लेकिन यह भी खबर सुनी जा रही है कि अंतिम समय में निर्णय बदला भी जा सकता है। विधानपरिषद की सदस्यता का कार्यकाल समाप्त होने के 6 माह तक सक्रिय राजनीति में लिप्त नहीं रहने का दावा करनेवाले संदीप जोशी के बारे में अब जोर देकर कहा जा रहा है कि उन्हें ही दोबारा मौका मिल सकता है। उधर, अगली बार नगरसेवक चुनाव नहीं लड़ने की वक्तव्य दे चुके वीरेंद्र कुकरेजा के बारे में चर्चा है कि वे विधानपरिषद की उम्मीदवारों की दावेदारी में आगे हैं। भाजपा में ऐसे भी कुछ नेता हैं, जिन्हें भरोसा दिलाया जा रहा है कि अंतिम समय में उनके ही भाग्य का सिक्का उछलेगा। मनपा का चुनाव जीतने के बाद माया इवनाते को राज्यसभा में भेजने व नागपुर सुधार प्रन्यास के विश्वस्त पद के लिए शेषराव गोतमारे को चुने जाने का किस्सा दोहराये जाने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है।

राकांपा में भी दावेदार

राकांपा सुनेत्रा के कोटे में एक सीट आ सकती है। पार्टी कार्याध्यक्ष प्रफुल पटेल के करीबी राजेंद्र जैन को विधानपरिषद भेजा जा सकता है। इन चर्चाओं में यह भी सुना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की पसंद के आधार पर नागपुर या विदर्भ से किसी नाम को तय किया जाए तो जैन का दावा दूर रह सकता है। शिवसेना शिंदे की ओर से रामटेक के पूर्व सांसद कृपाल तुमाने को पहले ही विधानपरिषद में भेजा जा चुका है। फिर भी किरण पांडव सहित अन्य कुछ नेताओं के समर्थकों को भरोसा है कि ऐन वक्त पर उम्मीदवारी के मामले में चमत्कार हो सकता है।


Created On :   28 April 2026 7:56 PM IST

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