आरटीआई: पिछले 10 वर्षों में मुंबई - गोवा हाईवे पर खर्च किए गए हैं 6 हजार करोड़ रुपए

पिछले 10 वर्षों में मुंबई - गोवा हाईवे पर खर्च किए गए हैं 6 हजार करोड़ रुपए
  • फिर भी बदहाली को लेकर उठे सवाल
  • मुंबई - गोवा हाईवे पर खर्च की गई रकम
  • 6 हजार करोड़ रुपए खर्च

डिजिटल डेस्क, मुंबई। जिस मुंबई-गोवा हाईवे की बदहाली से परेशान लोग लगातार आंदोलन करते रहते हैं उस पर पिछले 10 वर्षों में 6 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है।

राज्य के लोकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और केंद्र सरकार ने जो जानकारी उपलब्ध कराई है उसके मुताबिक महामार्ग के मरम्मत में भी 192 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक कुल 471 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग में से 84.6 किलोमीटर उसके जिम्मे है बाकी राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।

अपने हिस्से के राजमार्ग पर एनएचएआई ने खर्च की जो जानकारी दी उसके मुताबिक 2013 से उसने नई सड़क बनाने पर 1779 करोड़ 85 लाख 57 हजार 110 रुपए जबकि मौजूदा सड़क की मरम्मत पर 145 करोड़ 82 लाख 36 हजार 926 रुपए खर्च किए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने शुरुआत में जानकारी देने में आनाकानी की लेकिन बाद में पेण विभाग ने जो जानकारी उपलब्ध कराई उसके मुताबिक चार लेन के महामार्ग पर उसने 2354 करोड़ 72 लाख 50 हजार रुपए खर्च किए।

पीडब्ल्यूडी के रत्नागिरी विभाग के मुताबिक उसने साल 2018-23 के बीच नई सड़क पर 1815 करोड़ 85 लाख 50 हजार 959 रुपए जबकि 2011-23 के बीच मरम्मत के काम पर 46 करोड़ 20 लाख 79 हजार 483 रुपए खर्च किए। आरटीआई हासिल करने वाले द यंग व्हिसलब्लोअर्स फाउंडेशन के जितेंद्र घाडगे ने कहा कि साल 2010 से कोकण परिक्षेत्र के 2500 से ज्यादा लोगों ने इस राजमार्ग पर अपनी जान गंवाई है जो एक दशक से ज्यादा समय से निर्माणाधीन है।

इसलिए यहां किए गए कामों पर श्वेतपत्र जारी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएचएआई ने अच्छा काम किया है इसलिए पूरा मुंबई-गोवा राजमार्ग उसके हवाले कर दिया जाना चाहिए।



Created On :   26 Feb 2024 12:40 PM GMT

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