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बड़ी कार्रवाई: कृषि सेवा केंद्रों पर गिरी गाज - 14 के लाइसेंस निलंबित, 3 की मान्यता हुई रद्द

Nagpur News. खरीफ सीजन में किसानों के साथ धाेखाधड़ी करने वाले कृषि सेवा केंद्रों पर कृषि विभाग ने बड़ा प्रहार किया है। रासायनिक खाद की बिक्री, भंडारण और लेन-देन में गंभीर गड़बड़ियां मिलने पर जिले के 14 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, वहीं 3 केंद्रों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए, जबकि 6 केंद्रों की खाद बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के कृषि सेवा केंद्र संचालकों में हड़कंप मच गया है।
मैदान में उतरे उड़नदस्ते
किसानों को प्रमाणित बीज और रासायनिक खाद उपलब्ध कराने तथा फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण दस्ते लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। तहसील स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच में नियमों की अनदेखी, स्टॉक में गड़बड़ी और बिक्री संबंधी अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई की गई। जिले में कृषि सेवा केंद्रों की जांच के लिए 13 जिला स्तरीय उड़नदस्तों का गठन किया गया है। इनमें जिला परिषद, जिला गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी और तहसील कृषि अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये टीमें खाद और बीज बिक्री केंद्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
1522 लाइसेंसी केंद्रों की हो रही जांच
जिले में रासायनिक खाद बेचने वाले 1522 लाइसेंसी कृषि सेवा केंद्र हैं। जांच के लिए 13 कृषि अधिकारी (गुणवत्ता नियंत्रण) और पंचायत समिति के अधीन 13 कृषि अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर सुनवाई के बाद लाइसेंस निलंबन, रद्दीकरण और बिक्री प्रतिबंध जैसी कार्रवाई की जा रही है।
यह पाई गईं गड़बड़ियां
खाद नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 35(1) के तहत निम्न अनियमितताएं सामने आई हैं।
- स्टॉक बुक का संधारण नहीं करना।
- पॉस मशीन और वास्तविक स्टॉक में अंतर।
- अनुदानित खाद की पॉस मशीन से बिक्री नहीं करना।
- गैर-किसानों को खाद बेचना।
- कुछ खरीदारों को जरूरत से अधिक खाद की बिक्री।
- निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलना।
- मासिक बिक्री रिपोर्ट जमा नहीं करना।
इन केंद्रों पर हुई कार्रवाई
बजरंग कृषि सेवा केंद्र (सावनेर) और गुरुदेव कृषि सेवा केंद्र (पाटणसावंगी), भिवापुर के बबलू कृषि सेवा केंद्र (बेसूर) और लक्ष्मी एग्रो एजेंसी (भिवापुर) तथा काटोल के हगणवे कृषि सेवा केंद्र, राज कृषि सेवा केंद्र (कोंढाली) और बालाजी एग्रो एजेंसी (खानगांव) के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं भिवापुर के सोनालिका कृषि सेवा केंद्र का बीज, रासायनिक खाद और कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
जांच जारी रहेगी
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रवींद्र मनोहरे ने बताया कि खरीफ सीजन में अब तक 14 कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित और 3 केंद्रों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। विभाग की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक, 16573 मी. टन यूरिया और 3158 मी. टन डीएपी गोदाम में स्टोर है
कृषि विभाग ने जिले में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है। जिले में 16573 मीट्रिक टन यूरिया आैर 3158 मी. टन डीएपी खाद का स्टॉक बचा है। जिले के 1522 लाइसेंस वाले कृषि सेवा केंद्र में रासायनिक खाद उपलब्ध होने की जानकारी जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रविंद्र मनोहरे ने दी है। महाराष्ट्र एग्रीकल्चरल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और विदर्भ कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के गोदामों में 5250 मीट्रिक टन यूरिया और 1355 मीट्रिक टन डीएपी स्टोर (बफर) किया गया है। इसलिए खाद की कोई कमी नहीं है। खाड़ी युद्ध के कारण इस साल जरूरत के हिसाब से डीएपी खाद मिलना मुश्किल होगा, इसलिए किसानों को 1 बैग डीएपी खाद की जगह, दूसरे खाद के तौर पर आधा बैग यूरिया और 3 बैग एसएसपी खाद या आधा बैग यूरिया और 1 बैग टीएसपी खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। श्री मनोहरे ने खाद की कमी की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने आैर खाद खरीदने में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की है।
Created On :   15 Jun 2026 5:12 PM IST















