अनूठा कदम: वापस आओ गौरैया की पहल के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, छोटी-सी संवेदनशीलता भी बड़ा संदेश

वापस आओ गौरैया की पहल के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, छोटी-सी संवेदनशीलता भी बड़ा संदेश
  • इंसान ही नहीं, बल्कि पक्षी भी पानी की तलाश में भटकते हैं
  • तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच बेजुबानों को बचाने की पहल

Nagpur News. तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच जब इंसान ही नहीं, बल्कि पक्षी भी पानी की तलाश में भटकने लगते हैं, तब छोटी-सी संवेदनशीलता भी बड़ा संदेश बन जाती है। इसी सोच को साकार करते हुए ऑरेंज सिटी सोशल वर्क कॉलेज में "वापस आओ गौरैया...' नामक पर्यावरण सुरक्षा पहल आयोजित की गई। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित आश्रय देने का प्रयास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पक्षियों की सहायता करना ही नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना भी रहा।

दाना-पानी का रखा पात्र

संविधान जागर के अंतर्गत आयोजित इस पहल को संस्था के अध्यक्ष डॉ. केदार सिंह रोटेले के मार्गदर्शन और प्राचार्य डॉ. महेंद्र कुमार मेश्राम के नेतृत्व में संपन्न किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48ए और अनुच्छेद 51A (जी) के तहत पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला गया। कॉलेज के डॉ. चंदन सिंह रोटेले मेमोरियल शैक्षणिक परिसर के बगीचे में विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने पेड़ों की छाया में मिट्टी के पात्रों में पानी भरकर तथा अनाज रखकर पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया। इस अवसर पर सतीश भराडे, राजेंद्र झोड़, गोकुल आष्टनकर, शारदा गिरी, मालती तुपे और अनीता चतुर सहित कई लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

Created On :   15 March 2026 7:57 PM IST

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