भांडाफोड़: कबाड़ घोषित क्रेनों को नागपुर में धड़ल्ले से चला रहे थे पिता-पुत्र, एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर से शासन को लगा रहे थे चूना

कबाड़ घोषित क्रेनों को नागपुर में धड़ल्ले से चला रहे थे पिता-पुत्र, एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर से शासन को लगा रहे थे चूना
  • 20 लाख का माल जब्त, एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग कर शासन को लगा रहे थे चूना
  • दूसरे राज्यों में स्क्रैप घोषित जेसीबी क्रेनों का कर रहे थे इस्तेमाल
  • क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की कार्रवाई, पिता-पुत्र गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दूसरे राज्यों में कबाड़ घोषित हो चुकीं असुरक्षित हाइड्रो क्रेनों को उपराजधानी में बेखौफ चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, इन वाहनों को वैध बताने के लिए एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस गड़बड़झाले का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 हाइड्रो क्रेन जब्त की हैं, जिनकी कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है।

गश्त के दौरान मिली गड़बड़ी की सूचना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 3 नवंबर को दोपहर 2 से 4.20 बजे के बीच क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की टीम अपराधियों की तलाश में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दूसरे राज्यों में स्क्रैप घोषित की जा चुकीं जेसीबी क्रेनों को एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर के सहारे नागपुर में अवैध रूप से चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कपिलनगर थाना क्षेत्र में जांच शुरू की। माउंट लिटेरा स्कूल के पास प्लॉट नंबर 204 पर बताए गए हुलिए की 3 हाइड्रो क्रेन खड़ी मिलीं।

जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल

पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में क्रेनों के चालकों से पूछताछ की। उनकी पहचान फिरोज आलम अजगर हुसैन (26) और अजगर हुसैन (56), निवासी एनआईटी क्वार्टर क्रमांक 23/6, यशोधरानगर के रूप में हुई। वाहनों के दस्तावेजों की जांच में पता चला कि तीनों क्रेन दूसरे राज्य में असुरक्षित घोषित की जा चुकी थीं। आरोप है कि वाहन हस्तांतरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन कर रजिस्ट्रेशन नंबर में हेराफेरी की गई थी। एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए तीनों वाहनों को वैध दर्शाकर आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

तीनों कंपनियों की क्रेन जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इंडो फार्म, एक्शन कंस्ट्रक्शन और स्टैंडर्ड कंपनी की 3 हाइड्रो क्रेन जब्त कीं। इनकी कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार पिता-पुत्र को आगे की कार्रवाई के लिए कपिलनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील, सहपुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, अपर पुलिस आयुक्त राजेंद्र दाभाड़े, क्राइम ब्रांच के उपायुक्त दीपक अग्रवाल और एसीपी वैभव जाधव के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस निरीक्षक शुभांगी देशमुख, एपीआई चेतन बोरखड़े, पीएसआई मनोज राऊत और उनकी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

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