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वन विभाग: जंगल धधकने से पहले बुझा दी जाएगी आग, ग्रामीणों को भी किया गया सचेत, 190 फायर ब्लोअर और टीमें तैनात

Nagpur News. जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, नागपुर के घने जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए वन विभाग ने मिशन मोड में तैयारी शुरू कर दी है। विभाग का दावा है कि, इस बार आग को फैलने से पहले ही काबू कर लिया जाएगा। इसके लिए नागपुर प्रादेशिक विभाग ने 190 आधुनिक फायर ब्लोअर और विशेष गश्ती दल तैनात किए हैं।
फायर लाइन का काम पूरा : वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में फायर लाइन तैयार कर ली है, जो आग को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने से रोकती है। दक्षिण व उत्तर उमरेड, नरखेड़, कोंढाली, काटोल, हिंगना, देवलापार, पारशिवनी, रामटेक, पवनी, कलमेश्वर, सेमिनरी हिल्स, बुटीबोरी और खापा के घने जंगलों में विभाग की टीमें 24 घंटे बारी-बारी से गश्त लगा रही हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए 190 फायर ब्लोअर मशीनों की व्यवस्था की गई है, जो तेजी से आग बुझाने में सक्षम हैं।
नासा और इसरो की सैटेलाइट से मिलेगी सूचना :आग की सटीक जानकारी के लिए वन विभाग पूरी तरह फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया पर निर्भर है। नासा और इसरो की सैटेलाइट से मिलने वाले डेटा के जरिए जंगल के किसी भी कोने में लगी आग की सूचना तुरंत मुख्यालय तक पहुंच जाएगी।
सूचना देने पर मिलेगा पुरस्कार
वन विभाग ने केवल मशीनों पर ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर भी जोर दिया है। जंगलों के आस-पास बसे गांवों में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को आग लगने की स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। समय पर सूचना देने और आग बुझाने में मदद करने वाले ग्रामीणों को वन विभाग की ओर से सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा।
गोरेवाड़ा के जंगल को सुरक्षित रखेगी 59 किमी लंबी ‘फायर लाइन'
गर्मी के मौसम में गोरेवाड़ा के घने जंगल और सफारी को भीषण आग से बचाने के लिए वन विभाग ने 59 किलोमीटर लंबी फायर लाइन तैयार करने का काम पूरा कर लिया है। फरवरी में शुरू हुआ यह सुरक्षा कार्य मार्च की शुरुआत में संपन्न हुआ। गोरेवाड़ा परिसर करीब 850 हेक्टेयर में फैला है, जहां सूखी घास और पत्तों की घनी परत बिछी रहती है। मामूली लापरवाही या प्राकृतिक कारणों से लगी आग यहां तेजी से फैल सकती है। इसी खतरे को देखते हुए वन विभाग ने लगभग 8 मीटर चौड़े पट्टे की घास और पत्तों को साफ कर आग को आगे बढ़ने से रोकने के लिए यह ‘बैरियर' बनाया है।
Created On :   23 March 2026 6:11 PM IST













