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Nagpur News: महावितरण का उपप्रबंधक व लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार

Nagpur News एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने महावितरण के एक उपप्रबंधक को ढाई लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ धरदबोचा। एक तरफ पीड़ित कर्मचारी ने ड्यूटी के दौरान अपना हाथ गंवाया, वहीं दूसरी तरफ विभाग के ही अधिकारियों ने उसके मेडिकल बिल पास करने के बदले उससे मोटी रकम का सौदा कर लिया।
दर्द पर भारी पड़ा लालच
शिकायतकर्ता हिंगना स्थित महावितरण कार्यालय में वरिष्ठ तकनीशियन के पद पर कार्यरत है। वर्ष 2019 में एक दु:खद हादसे के दौरान उन्होंने अपना दाहिना हाथ गंवा दिया था। इलाज और कई ऑपरेशनों में उनके 11 लाख रुपए से अधिक खर्च हुए। पीड़ित के मेडिकल बिल और एरियर की 5.50 लाख रुपए की राशि लंबे समय से लंबित थी। इस राशि को मंजूर करने के एवज में महावितरण के उपप्रबंधक गणेश नत्थूजी डोरले (51) और कनिष्ठ लिपिक सुमित रेवतकर ने पीड़ित से 2.50 लाख रुपए की मांग की।
घर में बिछाया गया जाल
रिश्वत मांगे जाने से परेशान कर्मचारी ने नागपुर एसीबी कार्यालय में इसकी शिकायत की। जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद 2 अप्रैल को एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। आरोपी गणेश डोरले रिश्वत की रकम लेने पीड़ित के घर पहुंचा। जैसे ही डोरले ने घर के हॉल में पंचों के सामने 2.50 लाख रुपए स्वीकार किए, घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। कनिष्ठ लिपिक सुमित रेवतकर की संलिप्तता उजागर होने पर उसके खिलाफ भी एमआईडीसी थाने में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। कार्रवाई एसीबी के पुलिस अधीक्षक डॉ. दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में की गई। टीम में पुलिस निरीक्षक मयूर चौरसिया के साथ भरत ठाकुर, अनिल बहिरे, उपेंद्र आकोटकर, कांचन गुलबासे, विकेश राऊत और प्रिया नेवारे शामिल थे।
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Created On :   3 April 2026 2:43 PM IST














