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Nagpur News: नागपुर में डिजिटल अरेस्ट व गेेमिंग के नाम पर लाखों की ठगी

Nagpur News शहर के और दो लोगों को साइबर अपराधियों ने लाखों रुपए से चूना लगा दिया। खामला के एक व्यक्ति को आतंकवादी घटनाओं में लिप्त बताकर डिजिटल अरेस्ट कर लाखों की रकम ऐंठ ली, वहीं एक अन्य व्यक्ति को गेमिंग की आड़ में लाखों की चपत साइबर अपराधियों ने लगा दी। तीन माह के भीतर इसी प्रकार 40 लोगों से करोड़ों रुपए ठग लिए गए। इसमें से पुलिस को मामूली रकम जब्त कर पायी है। यानी रिकवरी दर 7.3 प्रतिशत है।
प्रकरण-1 : 5 महीने तक ‘मानसिक कैद में रहा बुजुुर्ग’
शास्त्री नगर, खामला के 78 वर्षीय बुजुर्ग को साइबर अपराधी ने ‘डेटा प्रोटेक्टेड बोर्ड ऑफ इंडिया' का अधिकारी बनकर निशाना बनाया। ठगों ने बुजुर्ग को डराया कि, उनके सिम कार्ड का उपयोग आतंकी गतिविधियों और टेरर फंडिंग में हुआ है। कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाकर उन्हें 5 महीने तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और 23.10 लाख रुपए ऐंठ लिए गए। बताया जाता है कि, 14 अक्टूबर 2025 को साइबर अपराधी ने खुद को रविकुमार शर्मा बताकर बुजुर्ग को फोन किया। बताया गया कि, उसके दस्तावेजों पर खरीदे सिम कार्ड के जरिये आतंकियों के लिए फंड जमा करने का शक है। मामले की पड़ताल जारी बताकर रविकुमार ने बुजुर्ग से उसके खाते की जानकारी मांगी। शुरुआत में बुजुर्ग उसे टालता रहा, लेकिन लगातार पांच माह उसे फोन कर धमकाया जाता रहा। कानूनी कार्रवाई करने की धौंस दी गई।
प्रकरण-2 :‘गेमिंग' के चक्कर में गंवाई जीवन भर की कमाई नरेंद्र नगर के एक उद्यमी (38) को ‘बिन्झो गेम्स' ऐप के जरिए कम समय में अमीर बनने का लालच दिया गया। ठगों ने 1 मार्च 2023 से 20 अक्टूबर 2025 तक धीरे-धीरे निवेश के नाम पर 37.12 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा कराए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तब उद्यमी को ठगे जाने का एहसास हुआ और उसने रकम वापस मांगी, तो उस पर निवेश करने के लिए दबाव बनाया गया। मामला पुलिस के पास पहुंचा। गौरतलब है कि, जांच-पड़ताल के नाम पर लंबे समय तक दोनों मामले पुलिस की फाइलों में ही दबे रहे। गुरुवार को आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज िकए गए।
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रिकवरी बेहद कम : घटित मामलों से 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक शहर में 40 से ज्यादा लोग साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार हुए है। निवेश, गेम्स, ट्रेडिंग आदि के नाम पर 16 करोड 17 लाख रुपए 88 हजार रुपए से उन्हें ठगा गया। प्रकरणों में तत्काल शिकायत मिलने पर संबंधित बैकों की मदद से साइबर पुलिस ने ठगी की रकम में से 1 करोड़ 18 लाख 81 हजार रुपए जब्त कर पायी है, जो ठगी की रकम में से आधी भी नहीं है।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले : साइबर अपराधी अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि डर और लालच से खेल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स से अपराधियों को पीड़ित का निजी डेटा आसानी से मिल रहा है। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी को ‘अरेस्ट' नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। ठगी गई राशि कम वापस मिलना यह दर्शाता है कि, अपराधी पलक झपकते ही पैसा कई खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।
आंकड़े: 1 जनवरी से 31 मार्च 2026
कुल घटनाएं : 40 से अधिक
ठगी की कुल राशि : 16.17 करोड़
पुलिस द्वारा जब्त राशि : करीब 1.18 करोड़
रिकवरी दर: मात्र 7.3 प्रतिशत
Created On :   3 April 2026 1:19 PM IST














