Nagpur News: मधुमेह केवल बीमारी नहीं, बल्कि जटिल मेटाबोलिक चुनौती

मधुमेह केवल बीमारी नहीं, बल्कि जटिल मेटाबोलिक चुनौती
‘नोवेलट्रीट क्लिनिकल कनेक्ट’ विषय पर डीएआई का सीएमई

Nagpur News उपराजधानी में मधुमेह और मेटाबोलिक बीमारियों के उपचार को लेकर नवाचार पर अाधारित सीएमई में विशेषज्ञों ने गंभीर विचार मंथन व ज्ञान का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कहा कि वर्तमान में मधुमेह केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि एक जटिल मेटाबोलिक चुनौती बन चुकी है। जिसके लिए समग्र और आधुनिक उपचार दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

जीएलपी-1 आरए जैसी नई थेरेपी न केवल शुगर नियंत्रण में मदद करती है, बल्कि हृदय स्वास्थ्य और वजन प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चिकित्सकों को लगातार अपडेट रहकर मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार देना चाहिए। इस तरह के सीएमई ( सतत चिकित्सा शिक्षा) कार्यक्रम ज्ञान के आदान-प्रदान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में अहम कदम हैं।

बीमारी व प्रभावी उपचार पर जानकारी सीएमई कार्यक्रम का आयोजन डायबिटिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया (डीएआई) नागपुर द्वारा किया गया। सीएमई कार्यक्रम विषय ‘नोवेलट्रीट क्लिनिकल कनेक्ट’ था। जिसमें शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने आधुनिक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नितिन वडस्कर के स्वागत भाषण से हुई।

उन्होंने मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी गंभीर बीमारी के बढ़ते खतरे और प्रभावी उपचार की आवश्यकता की जानकारी दी। प्रमुख वक्ता डॉ. सुनील गुप्ता ने मेटाबोलिक स्वास्थ्य की नई सोच पर आधारित जीएलपी-1 आरए के साथ एबीसीडी का समाधान पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में डायबिटीज प्रबंधन केवल शुगर कंट्रोल तक सीमित नहीं है। इस समय हृदय, वजन और संपूर्ण मेटाबोलिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समग्र उपचार की दिशा में तेजी से बदलाव हो रहा है। जीएलपी-1 आरए जैसी आधुनिक दवाओं के बारे में मार्गदर्शन किया।

मरीजों के समग्र प्रबंधन पर विचार-विमर्श : इस अवसर पर आयोजित पैनल चर्चा में डॉ. ऋषि लोहिया, डॉ. अजय सखारे और डॉ. सूर्यश्री पांडे ने अपने क्लिनिकल अनुभव और चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। चर्चा के दौरान मरीजों के समग्र प्रबंधन, नई दवाओं के उपयोग, तथा बदलती जीवनशैली के प्रभावों पर विचार-विमर्श हुआ। मानद सचिव डॉ. पूजा जाधव ने सभी वक्ताओं, पैनलिस्टों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सकों को नवीनतम शोध और उपचार पद्धतियों से अपडेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी का आभार मानते हुए कार्यक्रम का समापन किया।


Created On :   3 April 2026 4:34 PM IST

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