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Nagpur News: सावजी मटन विवाद पर तुकाराम मुंडे की सफाई, बोले- खाने से नहीं रोका, सिर्फ सेहत को लेकर किया था आगाह
Nagpur News नागपुर के प्रसिद्ध सावजी मटन व्यंजन को लेकर दिए गए बयान से उपजे विवाद के बीच वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख तुकाराम मुंडे ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी लोगों से सावजी मटन नहीं खाने को नहीं कहा। उनका उद्देश्य केवल इसमें अत्यधिक मात्रा में इस्तेमाल होने वाले तेल, नमक और मसालों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना था।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का कार्यभार संभालने के बाद मुंडे राज्यभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इसी दौरान नागपुर में युवाओं के एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा था कि "सावजी मटन खाने से व्यक्ति एक महीने तक बीमार पड़ सकता है।" इस बयान के बाद शहर में विवाद शुरू हो गया।
नागपुर का सावजी मटन विदर्भ ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र की पहचान माना जाता है। इसके तीखे स्वाद और खास मसालों के कारण बड़ी संख्या में लोग इसका स्वाद लेने नागपुर पहुंचते हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सावजी व्यंजनों का स्टॉल शुरू करने का सुझाव दिया था। ऐसे में मुंडे के बयान को लेकर सावजी होटल संचालकों और कारोबारियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
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विरोध स्वरूप शहर के कई सावजी होटल संचालक एकजुट हुए और प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि इस बयान से सावजी व्यंजनों की छवि खराब हुई है और कारोबार प्रभावित हो रहा है। कुछ कारोबारियों ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
बढ़ते विवाद के बाद एक समाचार चैनल से बातचीत में मुंडे ने कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि लोग सावजी मटन न खाएं। मेरा इशारा केवल उसमें इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक तेल, नमक, मिर्च और मसालों की ओर था। यदि इतनी मात्रा में तेल और नमक शरीर में जाएगा तो कोई भी व्यक्ति बीमार पड़ सकता है। यह सलाह सिर्फ सावजी मटन के लिए नहीं, बल्कि किसी भी अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन पर लागू होती है।"
मुंडे के इस स्पष्टीकरण के बाद सावजी कारोबारियों और इसके शौकीनों का कुछ हद तक गुस्सा कम होता दिखाई दे रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने नागपुर के राजनीतिक, सामाजिक और खाद्य जगत में नई बहस छेड़ दी है।
Created On :   6 Aug 2026 3:47 PM IST














