Nagpur News: विदेश जाने वालों का एम्स में होगा येलो फीवर का टीकाकरण

विदेश जाने वालों का एम्स में होगा येलो फीवर का टीकाकरण
  • स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने केंद्र के रुप में दी मान्यता
  • एम्स नागपुर के आईपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर क्लिनिक

Nagpur News अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) मे पीत ज्वर (येलो फीवर) टीकाकरण केंद्र की शुरुआत की गई है। गुरुवार को इस केंद्र का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत पी. जोशी, एपीएचओ नागपुर डॉ. आराधना भार्गव और सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. प्रदीप देशमुख की उपस्थिति में हुआ। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद यह केंद्र शुरू किया गया है। इस कारण अब एम्स मध्य भारत के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा केंद्र बन गया है।

अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के देशों में जरुरी

यह टीकाकरण केंद्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगा जो अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ विशेष देशों की यात्रा करते हैं। उन देशों में येलो फीवर संक्रमण पाया जाता है। येलो फीवर एक वेक्टर जनित बीमारी है, जो फ्लेविवायरस जीनस के आर्बोवायरस के कारण होती है और एडिस मच्छरों द्वारा फैलती है। भारत में यह बीमारी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान खतरा बना रहता है। जिसे रोकने में टीकाकरण जरुरी है। एम्स नागपुर के आईपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित वयस्क टीकाकरण क्लिनिक के कक्ष क्रमांक 24 में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इच्छुकों को पहले गूगल फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण करना होगा, जिसके बाद पात्रता की जांच कर उन्हें टीकाकरण की तारीख दी जाएगी। टीकाकरण के दिन यात्रियों को पासपोर्ट जैसे यात्रा दस्तावेज और हस्ताक्षरित सहमति पत्र साथ लाना अनिवार्य हाेता है।

पंजीकरण के बाद दी जाएगी तारीख

पंजीकरण का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रखा गया है, जबकि टीकाकरण सत्र प्रत्येक गुरुवार को (सरकारी अवकाश छोड़कर) सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस टीकाकरण के लिए आेपीडी पंजीकरण के साथ टीकाकरण के लिए नाममात्र शुल्क भुगतान करना होगा। टीका लगने के बाद लाभार्थियों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र 10 दिन बाद प्रभावी होता है और जीवनभर के लिए मान्य रहता है। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत जोशी ने कहा कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि मध्य भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगी। इस केंद्र से महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के यात्रियों को लाभ मिलेगा।


Created On :   24 April 2026 4:47 PM IST

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