- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- वडेट्टीवार ने भाजपा पर साधा निशाना...
दागा सवाल: वडेट्टीवार ने भाजपा पर साधा निशाना - महिला आरक्षण कानून तो पहले ही बन गया है, सरकार उसपर कब अमल करेगी

Nagpur News. महिला आरक्षण को लेकर बयानबाजी के बीच कांग्रेस के विधानसभा में गट नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा पर सवाल दागा है। उन्होंने कहा है कि महिला आरक्षण कानून तो पहले ही बन चुका है। सरकार यह बताएं कि उस पर कब अमल करनेवाली है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जो नया विधेयक संसद में लाया वह महिला आरक्षण से संबंधित नहीं है। वह तो विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र की सीटें बढ़ाने और क्षेत्र परिसीमन को लेकर है। 5 राज्यों में चुनाव के बीच भाजपा सरकार ने आरक्षण को लेकर नाटक किया। विशेष अधिवेशन बुलाकर महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो पाने का शोर मचाया है। भाजपा , कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर रही थी। अब उसे लगता है कि उसकी 17 पीढ़ियां भी कांग्रेस मुक्त नहीं कर पायेगी। इसलिए महिला आरक्षण के नाम पर केवल कांग्रेस का विरोध और उसे बदनाम करने का असफल प्रयास किया जा रहा है।
यह भी पढ़े -ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी के तहत कार्यस्थलों पर औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा को लेकर जागरुकता बेहद जरूरी
गुरुवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में वडेट्टीवार बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया है। स्थानीय निकाय संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस ने ही दिलाया। देश में पहली महिला राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री भी कांग्रेस से ही रही है। वर्ष 2023 में 106 वें संविधान संशोधन के माध्यम से महिला आरक्षण विधेयक मंजूर किया गया। उसे कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया । लेकिन 3 वर्ष तक वह विधेयक राष्ट्रपति के पास लंबित रहा। केंद्र सरकार ने उस विधेयक पर आवश्यक हस्ताक्षर ही नहीं किए थे। कांग्रेस नेता ने यह विषय संसद में रखा तो सरकार की ओर से 4-5 दिन में कानूनी प्रक्रिया पूरी करके संसद में बताया गया कि 106 वें संविधान संविधान विधेयक कानून में परिवर्तन हो गया है।
सरकार की नियत सही रहती तो वह महिला आरक्षण संबंधी उस संशोधित कानून पर अमल करती । लेकिन चुनाव के बीच लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए सरकार ने क्षेत्र परिसीमन संबंधी विधेयक लाया। सरकार का प्रस्तावित विधेयक कानून बन जाता तो देश में लोकतांत्रित व्यवस्था ही चौपट हो जाती। राज्य सरकार की ओर से क्षेत्र परिसीमन का प्रस्ताव तैयार किया जाता और उसे राष्ट्रपति के बजाय केंद्र सरकार से मंजूरी मिलती। दक्षिण भारत में लोकसभा व विधानसभा की सीटें कम हो जाती। इसलिए पारदर्शिता की मांग के साथ विधेयक का विरोध किया गया। लेकिन भाजपा उस विधेयक को महिला आरक्षण संबंधी बताकर महिलाओं के नाम पर देश को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
यह भी पढ़े -ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी के तहत कार्यस्थलों पर औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा को लेकर जागरुकता बेहद जरूरी
जनसंख्या नियंत्रित रखना गलत है क्या
वडेट्टीवार ने कहा कि उत्तर की तुलना में दक्षिण भारत में जनसंख्या कम है। जनसंख्या के आधार पर दक्षिण भारत को लोकसभा की कम सीटें मिलती। यह दक्षिण भारत के साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल दागा-जनसंख्या नियंत्रित रखना गलत है क्या। नई क्षेत्र रचना से सत्ता का केंद्र पूरी तरह से उत्तर भारत रहेगा। हाथरस व मणिपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि भाजपा की मानसिकता पहले ही उजागर हो चुकी है। दुष्कर्म के अपराध में जेल से जमानत पर छूटे आसाराम बापू को राम मंदिर दर्शन के दौरान वीआईपी सेवा देनेवाले हमें महिला सम्मान न सिखायें। पत्रकार वार्ता में विधायक विकास ठाकरे, नगरसेवक अतुल कोटेचा, संदेश सिंगलकर, बंटी शेलके उपस्थित थे।
Created On :   23 April 2026 7:23 PM IST













