Nagpur News: बीमार मां के आधार पर पैरोल मांगने वाले कैदी की याचिका की खारिज

बीमार मां के आधार पर पैरोल मांगने वाले कैदी की याचिका की खारिज
निरंतर देखभाल की आवश्यकता साबित करना जरूरी

Nagpur News बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पैरोल की मांग को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि, केवल सामान्य बीमारी के आधार पर पैरोल नहीं दी जा सकती, जब तक कि, निरंतर देखभाल की आवश्यकता साबित न हो। यह निर्णय न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फालके और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ ने सुनाया।

यह है मामला : मामला गोंदिया जिले के कैदी रुपेश मडावी से जुड़ा है, जो वर्तमान में नागपुर जेल में सजा काट रहा है। उसने अपनी मां के इलाज के लिए 45 दिनों की पैरोल की मांग की थी। उसका कहना था कि, उसकी मां गंभीर रूप से बीमार है और उसकी देखभाल के लिए उसका घर पर रहना आवश्यक है।

जेल प्रशासन ने आवेदन खारिज किया था : हालांकि, जेल प्रशासन ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर पैरोल आवेदन खारिज कर दिया था। पुलिस ने आशंका जताई थी कि, आरोपी के बाहर आने से कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है और गवाहों को खतरा हो सकता है। यह भी बताया गया कि, आरोपी को पॉक्सो कानून की धारा 5(एम) व 6 के तहत दोषी ठहराया गया है और उसे 20 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

परिवार के अन्य सदस्य मौजूद : कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मेडिकल प्रमाण पत्र का परीक्षण किया। प्रमाण पत्र में आरोपी की मां को ‘क्रॉनिक गैस्ट्रिक न्यूट्रिशनल एनीमिया’ से पीड़ित बताया गया, लेकिन यह कहीं भी उल्लेख नहीं था कि, उन्हें लगातार देखभाल या अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत है। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण निरीक्षण में कहा कि, पैरोल देने के लिए गंभीर और आपात परिस्थितियां आवश्यक होती हैं। साथ ही पाया कि, आरोपी के परिवार में अन्य सदस्य मौजूद हैं, जो उसकी मां की देखभाल कर सकते हैं। इसी के आधार पर अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि, पैराेल देने का कोई ठोस आधार नहीं है।


Created On :   23 April 2026 1:01 PM IST

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