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मोटी वसूली: गर्मियों की छुट्टियों में शुरु हो गई निजी बस संचालकों की मनमानी, नागपुर - मुंबई, पुणे और मध्यप्रदेश के किराए में उछाल

Nagpur News. अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मियों की छुटि्टयां मनाने का सिलसिला भी शुरु हो गया। लिहाजा रेलवे के बाद यात्रियों का बड़ा सहारा एसटी बसें हैं। जहां बस स्टॉप पर अब हर जगह भीड़ नजर आने लगी है। रेलवे और एसटी में सीटें फुल होने के कारण अब बड़ी संख्या में यात्री निजी बसों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर निजी बस संचालकों ने मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया है।
डिप्टी आरटीओ शहर मनोज ओतारी के मुताबिक निजी बसों को एसटी के किराए से अधिकतम डेढ़ गुना किराया लेने का ही अधिकार है। हमारी ओर से नियमित कार्रवाई की जाती है और इस बार भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
नागपुर से मुंबई, पुणे और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों से तय सीमा से कहीं अधिक किराया लिया जा रहा है। विकल्पों की कमी के चलते यात्री मजबूरी में अधिक किराया देने को विवश हैं। आमतौर पर ऐसी स्थिति दिवाली और होली जैसे त्योहारों के दौरान देखने को मिलती है, लेकिन अब ग्रीष्मकाल में भी यही हाल बन गया है।
शहर से बाहर जाने के लिए रेलवे सबसे सस्ता साधन माना जाता है, लेकिन छुट्टियों और विवाह सीजन के कारण ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। इसके बाद यात्रियों का रुख एसटी महामंडल की बसों की ओर होता है, परंतु वहां भी सीमित सुविधाओं और सीटों की कमी के कारण लोग निजी बसों का सहारा लेते हैं।
यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ ही निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी भी बढ़ गई है। नियम के अनुसार वे एसटी बसों के किराए से अधिकतम डेढ़ गुना तक ही शुल्क ले सकते हैं, लेकिन हकीकत में इससे कहीं ज्यादा वसूली की जा रही है।
किराए में भारी अंतर
- शिवनी के लिए एसटी किराया लगभग 150 रुपये, निजी बसों में 300 रुपये तक
- छिंदवाड़ा के लिए भी दोगुना तक किराया
- पचमढ़ी के लिए एसटी 295 रुपये, निजी बसों में 400 रुपये तक
- पुणे और मुंबई के लिए किराया 1500 रुपये तक पहुंचा
- औरंगाबाद 850 रुपये, कोल्हापुर 1200 रुपये, शेगांव 500 रुपये
वहीं एक यात्री ने बताया कि वह नागपुर से प्रयागराज का टिकट लेने गया था, जहां सामान्य दिनों में 1200 रुपये में मिलने वाला टिकट अब करीब 2200 रुपये तक बताया जा रहा है। किराया कम करने को कोई तैयार नहीं है।
अन्य शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को निजी बस संचालकों की इस मनमानी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
Created On :   23 April 2026 5:34 PM IST














