सस्पेंस कायम: कांग्रेस में जिला अध्यक्ष पद को लेकर सस्पेंस कायम, दिल्ली पर टिकी निगाहें - प्रदेश के नेताओं से लिए सुझाव

कांग्रेस में जिला अध्यक्ष पद को लेकर सस्पेंस कायम, दिल्ली पर टिकी निगाहें -  प्रदेश के नेताओं से लिए सुझाव
  • राज्य में एक साथ नामों की घोषणा के संकेत
  • 6 नामों के प्रस्ताव पर 28 अप्रैल को हो चुकी है चर्चा
  • प्रदेश के नेताओं से लिये सुझाव

Nagpur News. संगठन सृजन अभियान के माध्यम से जिला अध्यक्ष पद के चयन की प्रक्रिया निर्णायक स्थिति में पहुंचने के बाद भी कांग्रेस में इस पद को लेकर सस्पेंस कायम है। दावे और चर्चा तो कई नामों को लेकर है। लेकिन इस संबंध में ठोस जानकारी कोई भी देने की स्थिति में नहीं है। यही कहा जा रहा है कि कांग्रेस की संगठन सृजन संबंधी समिति दिल्ली में इस विषय में निर्णय लेगी। लिहाजा दिल्ली की ओर सबकी निगाहें है। हालांकि यह खबर भी है कि शहर व जिला अध्यक्ष पद के लिए 6-6 नामों का प्रस्ताव 22 अप्रैल को केंद्रीय समिति को भेजा जा चुका है। 28 अप्रैल को दिल्ली में उन प्रस्तावों पर चर्चा भी हुई है। लेकिन केरल चुनाव के कारण प्रस्ताव पर निर्णय लंबित रहा। अब राज्य में एक साथ शहर व जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की जा सकती है।

प्रदेश के नेताओं से लिये सुझाव

कांग्रेस सूत्र के अनुसार शहर व जिला अध्यक्ष पद के लिए दिल्ली में हुई बैठक में संगठन सृजन अभियान के प्रमुख वामसी रेड्डी, महासचिव केसी वेणगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक सहित अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे। 28 अप्रैल को हुई बैठक में नागपुर सहित राज्य के 8 से 10 जिलों के लिए विशेष तौर से चर्चा की गई। ये वे जिले हैं जहां किसी कारण से समय पर शहर या जिला अध्यक्ष नियुक्त नहीं हो पाये। नागपुर में 13 वर्ष से शहर अध्यक्ष पद पर विकास ठाकरे कायम है। जिला ग्रामीण में अश्विन बैस को विधानसभा चुनाव के पहले अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। प्रदेश में कांग्रेस के संगठन जिलों में नागपुर शहर व नागपुर ग्रामीण को सबसे अधिक गुटबाजी वाले क्षेत्र में समझा जाता है। विविध प्रयासों के बाद भी यहां गुटबाजी दूर नहीं होती है। नागपुर शहर में केंद्रीय निरीक्षण अरुण यादव 6 दिन तक कार्यकर्ताओं से संवाद करते रहे। उस दौरान गुटबाजी को रोष देखा गया। यही स्थिति जिला ग्रामीण में भी रही। आरोप लगे कि पूर्व मंत्री सुनील केदार संगठन पर एकतरफा कब्जा किये हुए है। दिल्ली में 28 अप्रैल को हुई बैठक में महाराष्ट्र से प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य प्रमुख नेताओं से सुझाव लिये गए।

दावे कई

शहर अध्यक्ष पद के लिए पूर्व नगरसेवक प्रफुल गुडधे का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी है। कांग्रेस के कुछ केंद्रीय नेताओं से उनके सीधे संबंध है। चर्चा है कि संगठनात्मक बदलाव के विविध बिंदुओं पर चर्चा में गुडधे का ही नाम सबसे आगे है। लेेकिन विकास ठाकरे अपने किसी समर्थक को इस पद की जिम्मेदारी देना चाहते हैं। संगठन मामले में ठाकरे का महत्व इसलिए है कि वे लंबे समय से संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। शहर के सभी विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर उनकी सर्वाधिक पकड़ है। ओबीसी, महिला, मुस्लिम सहित विविध वर्ग के आधार पर नाम तय करने को कहा जा रहा है लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि विधानसभा क्षेत्र स्तर पर ही वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। उधर जिला ग्रामीण के लिए केंद्रीय निरीक्षक रावदानसिंह ने अन्य निरीक्षकों की सहमति से 6 नामों का प्रस्ताव केेंद्रीय समिति को भेज दिया है।

कुछ भी तय नहीं

विविध दावों के बीच यह भी कहा जा रहा है कि अध्यक्ष पद को लेकर कुछ भी तय नहीं है। यहां तक कि साक्षात्कार प्रक्रिया में सहभागी रहे पदाधिकारियों को भी दिल्ली से किसी के नाम का संकेत नहीं मिल रहा है। साफ कहा जा रहा है कि शहर व जिला अध्यक्ष पद के लिए केंद्रीय समिति के नेताओं से कोई भी संपर्क न करें। केरल चुनाव के परिणाम आने के बाद महासचिव केसी वेणुगोपाल पुन:संगठन कार्य में सक्रिय हो रहे हैं। 15 से 16 मई के बाद जिलाअध्यक्षों का नाम तय हाे जायेगा।

Created On :   6 May 2026 8:54 PM IST

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