राज्यसभा: केंद्र ने कहा - कुपोषण के चक्र को तोड़ने के लिए कई पहल, बच्चे-गर्भवती महिलाएं और किशोरियों को खास लाभ

केंद्र ने कहा - कुपोषण के चक्र को तोड़ने के लिए कई पहल, बच्चे-गर्भवती महिलाएं और किशोरियों को खास लाभ
  • कुपोषण की समस्या को उच्च प्राथमिकता
  • बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और किशोरियां लाभार्थी

New Delhi News. सरकार ने देश में कुपोषण की समस्या को उच्च प्राथमिकता दी है और कुपोषण के पीढ़ी दर पीढ़ी चक्र को तोड़ने के लिए कई पहल की है। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सतत चलने वाला केंद्र प्रायोजित व्यापक मिशन है, जिसके अंतर्गत पूरे देश में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और किशोरियां लाभार्थी हैं।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने गुरुवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुकुल वासनिक के पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस व्यापक मिशन में आंगनवाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान और किशोरियों के लिए योजना शामिल है।

ठाकुर ने बताया कि मिशन पोषण 2.0 के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की अनुसूची-2 में निहित पोषण मानदंडों के अनुसार लाभार्थियों को पूरक पोषण प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने पोषण ट्रैकर नामक एक डिजिटल एप्लिकेशन भी शुरू किया है, जो आईसीटी आधारित निगरानी उपकरण है। इस तकनीक का उपयोग बच्चों में बौनापन, दुबलापन और अल्पवजन की व्याप्तता की निरंतर पहचान के लिए किया जा रहा है।

Created On :   2 April 2026 6:36 PM IST

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