सुधा मूर्ति की पुस्तक टाइड्स ऑफ टाइम, भारत्स हिस्ट्री थ्रू मुरल्स इन पार्लियामेंट का हुआ विमोचन

New Delhi News. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान में बने भित्तिचित्र मात्र कलाकृतियां नहीं हैं, बल्कि भारत की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाली दृश्य कथाएं हैं। उपराष्ट्रपति ने यह बात बुधवार को संविधान सदन में राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति द्वारा लिखित पुस्तक ‘टाइड्स ऑफ टाइम: भारत्स हिस्ट्री थ्रू मुरल्स इन पार्लियामेंट’ का विमोचन करते हुए कही।
राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर में वैशाली से लेकर दक्षिण में कुडावोलाई प्रणाली तक, भारत में लोकतांत्रिक प्रथाएं निरंतर, समावेशी और समाज में गहराई से समाई हुई हैं। उन्होंने कहा कि ये परंपराएं एक व्यापक सभ्यतागत लोकाचार का हिस्सा हैं जो संवाद, सहमति और विविध विचारों के सम्मान को महत्व देता है, जिससे भारत को "लोकतंत्र की जननी" कहा जाता है।
भित्तिचित्रों में उकेरे गए समृद्ध इतिहास को लोगों तक पहुंचाएगी यह पुस्तक : बिरला
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह पुस्तक संसद के भित्तिचित्रों में उकेरे गए समृद्ध इतिहास, संस्कृति और सभ्यागत विरासत को जन जन तक पहुंचाने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सुधा मूर्ति की सहज अभिव्यक्ति और उनकी गहन अंतर्दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि वह अपनी स्पष्ट और संवेदनशील लेखन शैली से जटिल ऐतिहासिक विषयों को पाठकों, विशेष रूप से युवाओं के लिए सहज बना देती हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक देश के सांस्कृतिक और बौद्धथ्क आधार को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश भी मौजूद थे।
Created On :   1 April 2026 6:24 PM IST








