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New Delhi News: ड्राईलैंड क्षेत्रों में खेती के ठोस उपायों कपर डॉ. गोपछडे के उठाए गए मुद्दों पर केंद्र का सकारात्मक रुख

New Delhi News. राज्यसभा में शुष्क एवं वर्षा-आधारित कृषि तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान सांसद डॉ. अजित गोपछडे द्वारा उठाए गए मुद्दों पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया। यह पहल देशभर के किसानों, विशेषकर ड्राईलैंड क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्च सदन में चर्चा के दौरान शुष्क भूमि की प्रमुख चुनौतियां, कम जलधारण क्षमता, वर्षा पर निर्भरता और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को प्रभावी ढंग से रखा। सांसद डॉ.अजित गोपछडे ने विशेष रूप से मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त किसानों की समस्याएं, जल संकट, कमजोर मिट्टी संरचना और सीमित संसाधन को प्रमुखता से उठाते हुए उनके निराकरण के लिए ठोस उपायों की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार देश के किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है, साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए भी केंद्र पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
शिवराज ने बताया कि देश के लगभग 48 प्रतिशत शुष्क क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। सरकार द्वारा विकसित 800 से अधिक जलवायु-अनुकूल फसल किस्में,86 क्लाइमेट-स्मार्ट कृषि तकनीकें,जल संरक्षण आधारित मॉडल (खेत तालाब, चेक डैम) देशभर में लागू किए जा रहे हैं, जिससे वर्षा-आधारित कृषि में 82 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि दर्ज की गई है।
Created On :   28 March 2026 10:04 PM IST






