वृक्ष वेदाम 2.0: पुस्तक ग्रहण करने के बाद दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाने से होगा प्रभावी

New Delhi News. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय मानवता के लिए अवसर और संकट दोनों का दौर है। उन्होंने उपनिषदों में वर्णित ‘पंचभूत’ आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव जीवन इन तत्वों से ही बना है और इन्हीं में विलीन हो जाता है, इसलिए प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना आवश्यक है।राष्ट्रपति मुर्मु ने यह बात गुरूवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘वृक्ष वेदाम 2.0’ पुस्तक ग्रहण करने के बाद कही। इस पुस्तक के लेखक राज्यसभा के पूर्व सदस्य और ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक जे संतोष कुमार हैं। राष्ट्रपति ने प्रकृति और मानव के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाकर ही पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है। ‘वृक्ष वेदाम 2.0’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “धरती पर हरियाली ही जीवन का आधार है” और ग्रीन इंडिया चैलेंज इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पिछले आठ वर्षों में करीब 19.6 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
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राष्ट्रपति ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य के.आर. सुरेश रेड्डी, वद्दिराजु रविचंद्र, बी. पार्थसारथी रेड्डी, एम. करुणाकर रेड्डी और संजीवुला राघवेंद्र प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
Created On :   9 April 2026 8:53 PM IST












