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जीएसटी मुआवजे में कमी को पूरा करने के लिए सतत ऋण के रूप में राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये की 11वीं किस्त जारी

January 12th, 2021 17:16 IST
जीएसटी मुआवजे में कमी को पूरा करने के लिए सतत ऋण के रूप में राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये की 11वीं किस्त जारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्‍त मंत्रालय जीएसटी मुआवजे में कमी को पूरा करने के लिए सतत ऋण के रूप में राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये की 11वीं किस्त जारी सभी राज्यों और विधान सभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक कुल 66,000 करोड़ रुपये की राशि जारी यह राज्यों को 1,06,830 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी लेने के लिए दी गई अनुमति के अलावा है वित्त मंत्रालय ने जीएसटी मुआवजे में कमी को पूरा करने के लिए राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये की 11वीं साप्ताहिक किस्त जारी की है। इसमें से 5,516.60 करोड़ रुपये की राशि 23 राज्यों को जारी की गई है और 483.40 करोड़ रुपये की रकम विधान सभा वाले 3 केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी) को जारी की गई है जो जीएसटी परिषद के सदस्य हैं। शेष 5 राज्यों यथा अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में जीएसटी को लागू करने से उनके राजस्व में कोई गिरावट नहीं आई है। अब तक जीएसटी मुआवजे में अनुमानित कमी का 60 प्रतिशत राज्यों और विधान संभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों को जारी कर दिया गया है। इसमें से 60,066.36 करोड़ रुपये की राशि राज्यों को जारी की गई है और 5,933.64 करोड़ रुपये की राशि विधान सभा वाले 3 केंद्र शासित प्रदेशों को जारी की गई है। भारत सरकार ने जीएसटी लागू करने के कारण राजस्व में 1.10 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित कमी को पूरा करने के लिए अक्टूबर, 2020 में एक विशेष उधारी खिड़की की स्थापना की थी। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से भारत सरकार द्वारा उधारियां इसी खिड़की के माध्यम से ली जा रही हैं। ये उधारियां 11 दौर या चरणों में ली गई हैं। अब तक उधार ली गई राशि 23 अक्टूबर, 2020; 2 नवंबर, 2020; 9 नवंबर, 2020; 23 नवंबर, 2020; 1 दिसंबर, 2020; 7 दिसंबर, 2020; 14 दिसंबर, 2020; 21 दिसंबर, 2020; 28 दिसंबर, 2020; 04 जनवरी, 2021 और 11 जनवरी, 2021 को राज्यों को जारी की गई है। इस सप्ताह जारी की गई राशि दरअसल राज्यों को प्रदान की गई इस तरह की रकम की 11वीं किस्त थी। इस सप्ताह यह राशि 5.1057 प्रतिशत की ब्याज दर पर उधार ली गई है। अब तक 66,000 करोड़ रुपये की राशि केंद्र सरकार द्वारा विशेष उधारी खिड़की के माध्यम से औसतन 4.7271 प्रतिशत की ब्‍याज दर पर उधार ली गई है। जीएसटी लागू करने के कारण राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए विशेष उधारी खिड़की के माध्यम से धनराशि प्रदान करने के अलावा, भारत सरकार ने जीएसटी मुआवजे में कमी को पूरा करने के लिए विकल्प-1 का चयन करने वाले राज्यों को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50% के बराबर अतिरिक्त उधारी भी लेने की अनुमति दी है, ताकि अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने में उनकी मदद की जा सके। सभी राज्यों ने विकल्प-1 के लिए अपनी प्राथमिकता दी है। इस प्रावधान के तहत 28 राज्यों को 1,06,830 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 0.50%) की पूरी अतिरिक्त राशि उधार लेने की इजाजत दी गई है। 28 राज्यों को दी गई अतिरिक्त उधारी की अनुमति की राशि और विशेष खिड़की के माध्यम से जुटाई गई धनराशि और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक जारी की गई राशि निम्‍नलिखित अनुलग्‍नक में दी गई है। जीएसडीपी के 0.50 प्रतिशत की राज्यवार अतिरिक्त उधारी की अनुमति और विशेष खिड़की के माध्यम से जुटाई गई धनराशि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई (11.01.2021 तक) (करोड़ रुपये में) क्र.सं. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नाम राज्यों को 0.50 प्रतिशत की अतिरिक्त उधारी लेने की अनुमति दी गई विशेष खिड़की के माध्यम से जुटाई गई धनराशि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई 1 आंध्र प्रदेश 5051 1559.07 2 अरुणाचल प्रदेश* 143 0.00 3 असम 1869 670.84 4 बिहार 3231 2634.14 5 छत्तीसगढ 1792 1015.56 6 गोवा 446 566.58 7 गुजरात 8704 6221.22 8 हरियाणा 4293 2935.98 9 हिमाचल प्रदेश 877 1158.35 10 झारखंड 1765 551.70 11 कर्नाटक 9018 8370.15 12 केरल 4,522 2211.72 13 मध्य प्रदेश 4746 3064.19 14 महाराष्ट्र 15394 8080.35 15 मणिपुर * 151 0.00 16 मेघालय 194 75.49 17 मिजोरम * 132 0.00 18 नगालैंड * 157 0.00 19 ओडिशा 2858 2578.45 20 पंजाब 3033 3206.28 21 राजस्थान 5462 2411.02 22 सिक्किम * 156 0.00 23 तमिलनाडु 9627 4210.58 24 तेलंगाना 5017 1077.30 25 त्रिपुरा 297 152.70 26 उत्तर प्रदेश 9703 4052.45 27 उत्तराखंड 1405 1562.64 28 पश्चिम बंगाल 6787 1699.60 कुल (ए): 106830 60066.36 1 दिल्ली लागू नहीं है 3956.63 2 जम्मू-कश्मीर लागू नहीं है 1532.67 3 पुडुचेरी लागू नहीं है 444.34 कुल (बी): लागू नहीं है 5933.64 कुल योग (ए बी) 106830 66000.00 * इन राज्यों में जीएसटी मुआवजे में 'शून्य' अंतर है

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।