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दीपावली के पहले महावितरण के 128 कर्मचारियों को झटका, करार खत्म होते ही घर बिठाया

दीपावली के पहले महावितरण के 128 कर्मचारियों को झटका, करार खत्म होते ही घर बिठाया

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  महावितरण ने आईक्या कंपनी के माध्यम से सेवा दे रहे 128 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। आईक्या कंपनी का एसएनडीएल के साथ 8 अक्टूबर तक सेवा देने का करार हुआ था और यह करार अब खत्म हो गया है।   महावितरण ने 2011 में एसएनडीएल को शहर के तीन विभागों की बिजली आपूर्ति का काम दिया था।

बंगलुरु बेस आईक्या कंपनी ने एसएनडीएल में मैन पावर उपलब्ध कराया था। जिन 128 लोगों को एसएनडीएल में काम दिया गया था, उनका करार 8 अक्टूबर 2019 तक था। 8 अक्टूबर को इनकी मियाद पूरी हुई और महावितरण ने इन कर्मचारियों का करार आगे बढ़ाने या सेवा विस्तार देने की जरूरत नहीं समझी। दीपावली के पहले इन कर्मचारियों को झटका लगा है। सितंबर का पेमेंट अभी तक इनके बैंक खाते में जमा नहीं हुआ है।  महावितरण के सूत्रों ने बताया कि करार 8 अक्टूबर तक का था। इसे रिन्यूव नहीं किया गया। सिंतबर महीने का वेतन इन कर्मचारियों के बैंक खाते में शीघ्र ही जमा कर दिया जाएगा। आईक्या कंपनी का करार एसएनडीएल के साथ हुआ था, जो अब सेवा में नहीं है। आउटसोर्सिंग के तकनीकी कर्मचारियों को काम पर रखा जा रहा है। 

300 अधिकारी ऑक्सीजन पर 
एसएनडीएल के पे- रोल पर 400 से ज्यादा कर्मचारी-अधिकारी काम करते थे। इनकी नियुक्ति के समय जो नियम-शर्तें है, उसमें लिखा है कि नौकरी से निकालते समय या नौकरी छोड़ते समय 2 महीने की पूर्व सूचना देना जरूरी है। महावितरण ने करीब 300 अधिकारियों को 2 महीने का नोटिस दिया है। किसी अधिकारी की 17 नवंबर तो किसी की मियाद 8 दिसंबर को खत्म होगी। इसके बाद इन्हें भी बाहर होना पड़ेगा। तकनीकी कर्मचारियों को सेवा में रखा जा रहा है। 

दिव्यांगों के लिए मतदान केंद्रों पर बनेंगे अस्थायी रैंप
विधान सभा चुनाव में दिव्यांग वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके, इसलिए मतदान केंद्रों पर अस्थायी रैंप व व्हील चेयर की व्यवस्था करने के निर्देश चुनाव आयोग की तरफ से दिए गए है। दिव्यांग वोटर को मतदान करने में कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने को कहा है। मतदान केंद्र पर बिजली की समुचित व्यवस्था के साथ ही मांगने पर व्हील चेयर मिलनी चाहिए। शहर व ग्रामीण दोनों स्तर पर यह व्यवस्था उपलब्ध करने के निर्देश चुनाव आयोग द्वारा दिए गए है। दिव्यांग वोटरों को मतदान करने की अपील की गई है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।