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नागपुर-दिल्ली ट्रैक पर मालगाड़ी बेपटरी होने से 20 ट्रेनें अटकीं

नागपुर-दिल्ली ट्रैक पर मालगाड़ी बेपटरी होने से 20 ट्रेनें अटकीं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। बुधवार को नागपुर-दिल्ली ट्रैक पर मालगाड़ी बेपटरी हो गई थी। कुल 5 डिब्बे पटरी से उतरने से ओएचई भी क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में लाइनें ब्लॉक हो गईं, लगभग 20 गाड़ियों को सफर के दौरान बीच में रोकना पड़ा। जिसका असर गुरुवार को दिनभर देखने मिला। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रोकी गई ट्रेनें

नागपुर-इटारसी सेक्शन की अप रेल लाइन पर अजनी-नागपुर के बीच 12643 तिरुवनन्तपुरम-दिल्ली निजामुद्दीन एक्सप्रेस 1.25 घंटे तक,  22415 विशाखापट्टनम-दिल्ली एक्सप्रेस 1.10 घंटे तक, 16031 चेन्नई-कटरा एक्सप्रेस 1.20  घंटे तक, 19604 रामेश्वरम-अजमेर हमसफर एक्सप्रेस 1.20 घंटे तक, 22404 पाँडीचेरी-नई दिल्ली एक्सप्रेस 3 घंटे तक, 12285 बैंगलुरु-दीनापुर संघमित्रा एक्सप्रेस 3 घंटे तक अटकी रही, वही बूटीबोरी से नागपुर के बीच 12721 हैदराबाद-दिल्ली निजामुद्दीन एक्सप्रेस 3 घंटे और 12539 यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस बोरखेडी-नागपुर के बीच 3 घंटे तक अटकी रही। अप लाइन पर बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात 1.15 बजे यातायात बहाल हो सका। ट्रेन नंबर 22112 नागपुर-भुसावल एक्सप्रेस को सुबह 7.20 बजे के बजाए सुबह 11.20 बजे तथा 51829 नागपुर-इटारसी पैसेंजर को सुबह 8 बजे के बजाए दोपहर 1.02 बजे रवाना किया गया। उधर, नागपुर-इटारसी सेक्शन की डाउन रेल लाइन पर 12804 विशाखापट्टनम स्वर्णजयंती एक्सप्रेस कलमेश्वर में 4.40 घंटे तक, 12708 एपी संपर्कक्रांति एक्सप्रेस कलमेश्वर में 5.05 घंटे तक, 22416 आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस कोहली स्टेशन पर 5.18 घंटे तक, 12648 दिल्ली-कोयम्बतूर कोंगु एक्सप्रेस काटोल स्टेशन पर 3.30 घंटे तक, 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस नरखेड़ और कलमेश्वर के बीच 5 घंटे तक, 12626 दिल्ली-तिरुवनन्तपुरम एक्सप्रेस नरखेड़-कलमेश्वर के बीच 4.30 घंटे तक, 12434 चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस पांढुर्णा-गोधनी के बीच 4.30 घंटे तक, 12160 जबलपुर-अमरावती एक्सप्रेस पांढुर्णा-गोधनी के बीच 6 घंटे तक, 12721 हैदराबाद-दिल्ली दक्षिण एक्सप्रेस कलमेश्वर में 1.10 घंटे तक और 22692 बैंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस कलमेश्वर में 1.10 घंटे तक अटकी रही। गुरुवार सुबह 5.20 बजे डाउन लाइन पर यातायात बहाल हो सका। इसके अलावा 12589 गोरखपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नरखेड़, चांदुर बाजार, न्यू अमरावती, वर्धा के रास्ते चलाया गया

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।