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सुप्रीम कोर्ट के स्थगन से पहले आरे में कट चुके थे 2141 पेड़

सुप्रीम कोर्ट के स्थगन से पहले आरे में कट चुके थे 2141 पेड़

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के आरे में पेड़ों की कटाई मामले में महाराष्ट्र सरकार को झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आरे में पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक लगाने और वहां यथास्थिति बहाल रखने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आज लॉ स्टूडेंट्स की ओर से पेड़ों को काटने के विरोध में लिखी चिट्‌ठी को जनहित याचिका मानते हुए सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए हैं। 

सुप्रीम कोर्ट के स्थगन से पहले आरे में कट चुके थे 2141 पेड़

उधर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) 2141 पेड़ों को काट चुका है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद एमएमआरसीएल ने कहा है कि आदेश का पालन किया जाएगा और अब पेड़ नहीं काटे जाएंगे। बस काटे गए पेड़ों को उस जगह से हटाया जाएगा जिससे निर्माणकार्य शुरू किया जा सके। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियां को इलाके में पहुंचने से रोकने के लिए सोमवार को भी धारा 144 जारी रही। मेट्रो कारशेड के लिए मुंबई मनपा ने 2646 पेड़ों को काटने की अनुमति दी थी। एमएमआरसीएल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए अब मेट्रो कारशेड के लिए पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी। सिर्फ काटे गए पेड़ों को हटाने का काम जारी रहेगा। हालांकि मेट्रो कारशेड के लिए प्रस्तावित इलाके में स्थित पेड़ अदालत का आदेश आने से पहले ही काटे जा चुके थे। एमएमआरसीएल ने सफाई दी कि उसकी ओर से पहले ही 23846 पेड़ लगाए जा चुके हैं साथ ही लोगों को भी लगाने के लिए 25 हजार पेड़ दिए गए हैं। साथ ही एमएमआरसीएल ने कहा है कि कानूनी लड़ाई के चलते पहले ही परियोजना में 6 माह की देरी हो चुकी है। हालांकि हमें अब भी काम समय पर पूरा कर लेने की उम्मीद है। आरे में पेड़ कटाई का विरोध कर रहे जिन प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को रिहा किया गया। कानूनी औपचारिकताओं के बाद ठाणे जेल में बंद 24 लोगों और भायखला जेल में बंद पांच महिला प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया। मामले में गिरफ्तार 29 कार्यकर्ताओं को रविवार को 7-7 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई थी। लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सोमवार को भी आरेकॉलोनी में धारा 144 जारी रखी। पुलिस ने एहतियातन इलाके में भारी बंदोबस्त बनाए रखा। रविवार की रात पुलिस ने धारा 144 में थोड़ी ढिल देती थी जिसे सोमवार को फिर से कड़ाई से लागू कर दिया गया।          
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।