दैनिक भास्कर हिंदी: दो सप्ताह में कोरोना से गई 25 पुलिसकर्मियों की जान, अबतक 389 की मौत 

April 22nd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सड़क पर उतरकर कानून व्यवस्था कायम रखने और लोगों से नियमों का पालन कराने में जुटे पुलिसकर्मी भी बड़े पैमाने पर कोरोना के शिकार बन रहे हैं। महाराष्ट्र में पिछले दो सप्ताह में 25 पुलिसकर्मियों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है। राज्य में कोरोना संक्रमण से मरने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या बुधवार तक बढ़कर 389 तक पहुंच गई। कोरोना संक्रमण की ताजा लहर में सबसे ज्यादा चार पुलिसकर्मियों ने उस्मानाबाद जिले में अपनी जान गंवाई है। इसके बाद परभणी और मुंबई का नंबर आता है, जहां कोरोना ने तीन-तीन पुलिसवालों की जान ले ली। नाशिक जिले में दो पुलिसवालों ने कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाई है। इसके अलावा नई मुंबई, पुणे शहर, नागपुर शहर, नंदुरबार, बीड, नांदेड, धुले, लातुर जिलों और पुणे रेलवे पुलिस, महाराष्ट्र साइबर सेल के एक-एक पुलिसवालों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है। हिंगोली, धुले और जालना में तैनात एफआरपीएफ के जवानों की भी कोरोना से मौत हो चुकी है।

40 फीसदी पुलिसकर्मियों में लगा टीका 

पुलिसकर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर के तौर पर पहले चरण में ही कोरोना का टीका लगाने की इजाजत मिली थी, लेकिन अब तक 40 फीसदी पुलिसवालों को ही टीके की दोनों खुराक लग पाई है। करीब 41 फीसदी पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्हें अब तक टीके की एक ही खुराक लग पाई है। इसलिए अब भी करीब 60 फीसदी पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण का गंभीर खतरा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्यूटी निभा रहे पुलिसवालों को इस बात की हिदायत दी गई है कि वे मास्क, सैनिटाइजर आदि का इस्तेमाल करते हुए खुद को बीमारी से बचाने के लिए पूरी एहतियात बरतें। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान 55 साल से ज्यादा उम्र के सभी पुलिसकर्मियों को घर पर रहने की इजाजत दे दी गई थी, लेकिन फिलहाल पुलिस पर काम का दबाव ज्यादा होने के चलते रणनीति में बदलाव किया गया है और ज्यादा उम्र या पहले से बीमारियों से जूझ रहे पुलिस वालों को ऑफिस या पुलिस स्टेशन में ही काम कराया जा रहा है।  

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